उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी “वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट” (ODOP) योजना ने आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। इस योजना के तहत अब 12 नए उत्पादों को शामिल किया गया है, जिससे कुल उत्पादों की संख्या 62 से बढ़कर 74 हो गई है। इनमें बलिया का सत्तू, अमरोहा का मेटल व वुडन हैंडीक्राफ्ट, आगरा का फुटवेयर व पेठा, गाजियाबाद का मेटल व टेक्सटाइल उत्पाद, बागपत के एग्रीकल्चर इम्प्लीमेंट्स, सहारनपुर की होजरी, फिरोजाबाद का फूड प्रोसेसिंग, प्रतापगढ़ का खाद्य प्रसंस्करण, एटा की चिकोरी, हमीरपुर के मेटल उत्पाद, बिजनौर का ब्रश उद्योग और बरेली के लकड़ी के उत्पाद शामिल हैं। यह कदम उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में निर्णायक साबित होगा।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) विभाग के सचिव प्रांजल यादव ने बताया कि ODOP योजना का उद्देश्य प्रत्येक जिले के विशिष्ट उत्पाद को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पहचान दिलाना है। बलिया का सत्तू, जो पारंपरिक रूप से ऊर्जा का स्रोत माना जाता है, अब वैश्विक मंच पर अपनी छाप छोड़ेगा। इससे स्थानीय किसानों, उद्यमियों और युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।
अमरोहा की जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स ने कहा, “अमरोहा के ढोलक और रेडीमेड गारमेंट्स पहले से ही ODOP में शामिल हैं। अब मेटल और वुडन हैंडीक्राफ्ट के शामिल होने से शिल्पकारों को नया मंच मिलेगा और जिला वैश्विक स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाएगा।”
आगरा का फुटवेयर और पेठा भी इस योजना के तहत नई ऊंचाइयों को छूएगा। पहले से ही बनारस की साड़ी, कन्नौज का इत्र, अलीगढ़ का ताला और भदोही का कालीन जैसे उत्पादों ने विश्व बाजार में उत्तर प्रदेश का नाम रोशन किया है। योगी सरकार की यह पहल न केवल स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा दे रही है, बल्कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में रोजगार सृजन के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत को भी संरक्षित कर रही है।
MSME विभाग के सहयोग से ODOP योजना के तहत उत्पादों को ब्रांडिंग, मार्केटिंग, पैकेजिंग और लॉजिस्टिक्स सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। सरकार ने इसके लिए वित्तीय सहायता, सब्सिडी और प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू किए हैं, जिससे उद्यमी अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ा सकें। यह योजना उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जिले को निर्यात हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को साकार करेगा।
उत्तर प्रदेश सरकार का यह प्रयास न केवल आर्थिक विकास को गति देगा, बल्कि स्थानीय शिल्पकारों, किसानों और उद्यमियों को वैश्विक मंच पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करेगा। ODOP योजना के तहत शामिल नए उत्पाद उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक और औद्योगिक विरासत को और मजबूत करेंगे।


