आधार कार्ड की बढ़ती उपयोगिता और मांग को देखते हुए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने उत्तर प्रदेश कोआपरेटिव बैंक लिमिटेड को आधार कार्ड बनाने के लिए अधिकृत किया है। यह देश का पहला सहकारी बैंक है, जिसे यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस पहल से उत्तर प्रदेश में आधार कार्ड निर्माण और संशोधन की सुविधा को और व्यापक बनाया जाएगा, जिससे नागरिकों को सुगम और सुलभ सेवाएं प्राप्त होंगी।
उत्तर प्रदेश के सहकारिता मंत्री श्री जे.पी.एस. राठौर ने केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में सहकारी बैंकों की विश्वसनीयता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि आधार कार्ड भारत के नागरिकों की विशिष्ट और प्रमाणिक पहचान का मजबूत आधार है। इसे बनाने के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की जाएगी और बैंक कर्मियों को प्रशिक्षित कर कार्य को गति प्रदान की जाएगी।
सहकारिता विभाग के प्रमुख सचिव श्री सौरभ बाबू ने इस उपलब्धि को विभाग के लिए गौरवपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में उत्तर प्रदेश कोआपरेटिव बैंक की शाखाओं के माध्यम से आधार कार्ड निर्माण शुरू होगा। द्वितीय चरण में यह सुविधा प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समितियों (पैक्स) तक विस्तारित की जाएगी। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आधार सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी और नागरिकों को अपने नजदीकी केंद्रों पर सुविधा उपलब्ध होगी। यह कदम सहकारी क्षेत्र में डिजिटल और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।


