उत्तर प्रदेश विधानसभा में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने वित्त वर्ष 2026–27 का बजट पेश करते हुए सहकारी क्षेत्र के लिए 770 करोड़ रुपये से अधिक के बड़े वित्तीय प्रावधानों की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सहकारिता क्षेत्र को मजबूत बनाने और किसानों को सीधे लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से यह विशेष बजटीय प्रोत्साहन दिया गया है।
वित्त मंत्री ने बताया कि भारत सरकार के प्रयासों के बाद संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2025 को “अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष” घोषित किया है और इस वैश्विक पहल की औपचारिक शुरुआत करने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बना है।
पैक्स (प्राथमिक कृषि ऋण समितियां) के आधुनिकीकरण के तहत कंप्यूटरीकरण योजना चलाई जा रही है। इसके अंतर्गत प्रथम चरण में 1,539 एम-पैक्स और दूसरे चरण में 1,523 एम-पैक्स का चयन किया गया है। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए 32 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है।
किसानों को राहत देने के लिए ब्याज अनुदान योजना के तहत 525 करोड़ रुपये की बड़ी राशि निर्धारित की गई है। इसके अलावा रासायनिक उर्वरकों के अग्रिम भंडारण को सुनिश्चित करने के लिए 150 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के अंतर्गत 38 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस राशि का उपयोग दीर्घकालीन ऋण पर ब्याज अनुदान, सहकारी बैंकों को कार्यशील पूंजी सहायता तथा बैंक शाखाओं के आधुनिकीकरण और ब्रांडिंग पर किया जाएगा।
सहकारी क्षेत्र में दुनिया की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना के तहत नए गोदामों के निर्माण के लिए 25 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा गया है। सरकार का कहना है कि इन कदमों से ग्रामीण बुनियादी ढांचा मजबूत होगा और किसानों को भंडारण व वित्तीय सेवाओं का बेहतर लाभ मिल सकेगा।


