Trending News

 राज्यसभा की 11 सीटों पर वोटिंग जारी, निर्विरोध चुने गए 26 उम्मीदवार         श्रीनगर में आयोजित हुआ कोल्ड वाटर फिशरीज पर पहला राष्ट्रीय सम्मेलन, हिमालयी राज्यों में रेनबो ट्राउट और महसीर जैसी उच्च मूल्य वाली मछलियों के उत्पादन को बढ़ावा देना लक्ष्य, केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने जरी किए शीत जल मत्स्य विकास के लिए मॉडल दिशानिर्देश         मध्य प्रदेश में पैक्स से जोड़े जाएंगे 10 लाख किसान, अप्रैल माह से शुरू होगा सदस्यता अभियान, सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने दी जानकारी         बारिश व तेज हवाओं ने किसानो की बढ़ाई चिंता, सरसों, गेहूं और आलू की फसल हुई प्रभावित, यूपी, पंजाब समेत 17 राज्यों में बारिश-तूफान की चेतावनी, पूर्वी भारत में आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी         ओडिशा में दर्दनाक हादसा, कटक के मेडिकल कॉलेज में आग लगने से 11 मरीजों की मौत, 11 कर्मचारी झुलसे, CM मांझी ने मृतक परिवारों को 25-25 लाख रूपए मुआवजे की घोषणा की         LPG पर बोले PM नरेंद्र मोदी- देश में पैनिक फैलाने की कोशिश कर रहे कुछ लोग, देशवासियों को किया आश्वस्त, कहा- अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठा रही है सरकार, कालाबाजारी करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई        

एनसीईएल की सदस्यता पाने वाली सहकारी समितियों की संख्या 11,034 हुई, 5,403 करोड़ रुपये का हुआ कृषि निर्यात

11,034 सहकारी समितियों को एनसीईएल की सदस्यता, ₹5,403 करोड़ के कृषि निर्यात और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों के ज़रिए ‘सहकार से समृद्धि’ की ओर तेज़ी से कदम

Published: 14:49pm, 06 Aug 2025

केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में जानकारी दी कि अब तक कुल 11,034 सहकारी समितियों को नेशनल कोऑपरेटिव एक्सपोर्ट्स लिमिटेड (NCEL) की सदस्यता मिल चुकी है। इनमें से 10,793 बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि ऋण समितियाँ (PACS) और अन्य प्राथमिक सहकारी समितियाँ (क्लास-5), 216 तहसील/जिला स्तर की सहकारी समितियाँ (क्लास-4), 10 बहु-राज्यीय सहकारी समितियाँ (क्लास-3), 10 राज्य स्तरीय सहकारी संस्थाएँ (क्लास-2) और 5 प्रमोटर सहकारी संगठन (क्लास-1) शामिल हैं।

अमित शाह ने यह भी बताया कि एनसीईएल के माध्यम से अब तक 13,49,831.05 मीट्रिक टन कृषि उत्पादों का निर्यात किया गया है, जिसकी कुल कीमत 5,403.01 करोड़ रुपये रही है। यह सहकारिता के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

केंद्र सरकार अब सहकारी समितियों के निर्यात को और बढ़ावा देने के लिए विदेशों में स्थित भारतीय मिशनों के साथ मिलकर काम कर रही है। मिशनों से अनुरोध किया गया है कि वे अपने देशों में बाजार की जानकारी एनसीईएल को दें और संभावित आयातकों से उसका परिचय करवाएं।

सहकारी व्यापार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देने के लिए भारत और जाम्बिया के बीच एक समझौता (MoU) किया गया है। यह समझौता जाम्बिया के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MoSMED) के साथ हुआ है। इसके अलावा, एनसीईएल ने सेनेगल सरकार के उद्योग और व्यापार मंत्रालय, तथा इंडोनेशिया की कंपनियों – सिंटन वांटेज ट्रेडिंग प्रा. लि. और पीटी सिंटन सुरिनी नुसांत्रा के साथ भी समझौते किए हैं।

YuvaSahakar Desk

Recent Post