कर्नाटक में तेजी से उभरते शहरी सहकारी बैंकों में से एक श्री त्यागराजा को-ऑपरेटिव बैंक ने 1000 करोड़ रुपये के बिजनेस मिक्स को पार कर एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल किया है। बैंक के चेयरमैन और भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता श्री एम. आर. वेंकटेश ने जानकारी दी कि बैंक का अगला लक्ष्य केवल जमा राशि में 1000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर मल्टी-स्टेट बैंक का दर्जा और शेड्यूल्ड बैंक की मान्यता प्राप्त करना है।
वर्तमान में बैंक की कुल जमा राशि 624 करोड़ रुपये है और बैंक लगातार अपनी सेवाओं और योजनाओं को मजबूत करते हुए इस दिशा में अग्रसर है। बैंक की वित्तीय सुदृढ़ता का प्रमाण यह है कि पिछले 20 वर्षों से उसका नेट एनपीए शून्य है और ग्रॉस एनपीए मात्र 3.64% है।
महिला सशक्तिकरण में भी बैंक उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। अब तक 1,000 महिला समूहों को 2 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए गए हैं, जिनकी वसूली दर 97% रही है। इसके अलावा बिना गारंटी 5 लाख रुपये तक का ऋण महिलाओं को प्रदान किया जा रहा है, जिससे अब तक 180 महिलाएं लाभान्वित हो चुकी हैं।
बच्चों के लिए बचत योजना के अंतर्गत 3,000 से अधिक खाते खोले गए हैं जिनमें 10 करोड़ रुपये से अधिक की जमा राशि एकत्र हुई है।
श्री वेंकटेश ने सहकारी बैंकों पर डुअल कंट्रोल की नीति का विरोध करते हुए समान नियामक व्यवहार की मांग की और कहा कि सहकारी बैंकों को भी राष्ट्रीय बैंकों की तर्ज पर अवसर मिलना चाहिए।
आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु सहित अन्य दक्षिण भारतीय राज्यों में विस्तार की योजना के साथ श्री त्यागराजा को-ऑपरेटिव बैंक एक मजबूत, सामाजिक रूप से उत्तरदायी और नवाचार-प्रधान सहकारी बैंक के रूप में उभर रहा है।


