भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इस सर्दी को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है। अगर आप सोच रहे हैं कि पिछले साल जैसी हल्की-फुल्की ठंड पड़ेगी, तो तैयार हो जाइए- इस बार सर्द हवाएं रिकॉर्ड तोड़ सकती हैं।
IMD के अनुसार दिसंबर से फरवरी तक पूरे देश में ठंड सामान्य से कहीं ज्यादा कड़ाके की रहने वाली है, खासतौर पर मध्य भारत, उत्तर-पश्चिम भारत (दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात) और पूर्वोत्तर भारत में ठिठुरन सबसे ज्यादा महसूस होगी।
5–6 दिन तक पड़ सकती है कोल्ड वेव
जहां आमतौर पर उत्तर-पश्चिम भारत में सर्दियों के दौरान 1–4 दिन की कोल्ड वेव होती है, वहीं इस बार इसकी अवधि बढ़कर 5–6 दिन तक पहुंच सकती है।
ठंड इतनी ज्यादा क्यों? दो बड़े कारण
पोलर वोर्टेक्स की वापसी
ध्रुवीय क्षेत्रों में घूमने वाली बर्फीली हवाओं का विशाल चक्र पोलर वोर्टेक्स( ध्रुवीय भंवर) इस बार बहुत सक्रिय है।
इसकी पकड़ मजबूत होते ही बर्फीली हवाएं तेजी से दक्षिण एशिया की ओर धकेली जाती हैं, जिससे भारत में तापमान अचानक गिर जाता है।
ला नीना का असर
प्रशांत महासागर के ठंडे होने से बनने वाली ला नीना स्थिति भारत की सर्दियों को और ठंडा बना देती है।
IMD के क्लाइमेट मॉनिटरिंग ग्रुप के प्रमुख ओ.पी. श्रीजीत के अनुसार, “मध्य प्रदेश में नवंबर में पड़ी भयंकर ठंड के पीछे भी यही दो घटनाएं जिम्मेदार थीं। अब फिर से वही स्थिति तैयार हो रही है।”
दिसंबर में सामान्य से ज्यादा बारिश
दिसंबर में देशभर में बारिश सामान्य रहने का अनुमान है, लेकिन दक्षिण भारत,पश्चिम-मध्य भारत और पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में सामान्य से ज्यादा बारिश हो सकती है। बाकी क्षेत्रों में बारिश कम रहने की संभावना है।


