राजस्थान सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। शहरी स्तर पर संचालित सरस डेयरी बूथों की तर्ज पर अब ग्राम पंचायत स्तर पर भी डेयरी बूथ स्थापित किए जाएंगे। इस योजना के तहत 500 से अधिक आबादी वाले गांवों में बेरोजगार युवाओं को सरस बूथ आवंटित किए जाएंगे। इसके लिए सरस डेयरी और पंचायतीराज विभाग को निर्देश जारी किए गए हैं।
योजना के अनुसार, प्रत्येक ग्राम पंचायत में आबादी के आधार पर अधिकतम पांच से सात बूथ आवंटित होंगे। कई जिलों में बूथ आवंटन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, और ग्रामीण युवाओं से आवेदन मांगे गए हैं। आवेदन प्रक्रिया में सबसे पहले डेयरी द्वारा प्रस्ताव प्राप्त किए जाएंगे, जिसके बाद बूथ आवंटन होगा। आवंटन के पश्चात डेयरी संघ द्वारा उत्पाद आपूर्ति का कार्यक्रम निर्धारित किया जाएगा।
बूथ आवंटन के लिए आवेदक को संबंधित ग्राम पंचायत से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त करना होगा। इसके साथ प्रार्थना पत्र, आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो जैसे दस्तावेज जमा करने होंगे। आवेदन डेयरी द्वारा संबंधित निकाय को भेजा जाएगा, और डेयरी, ग्राम पंचायत व स्थानीय प्रशासन के प्रतिनिधियों द्वारा संयुक्त सर्वे के आधार पर चयनित स्थान को बूथ के लिए स्वीकृत किया जाएगा। बूथ आवंटन के बाद आवेदक को 3,159 रुपये की सुरक्षा राशि जमा करनी होगी।
यह पहल न केवल ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करेगी, बल्कि उपभोक्ताओं को भी लाभ पहुंचाएगी। सरस बूथों से दूध, दही, पनीर, बटर, घी, आइसक्रीम सहित दो दर्जन से अधिक प्रमाणित उत्पाद उपलब्ध होंगे। इससे स्थानीय बाजार में उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित होगी और बिचौलियों की मनमानी पर अंकुश लगेगा। उपभोक्ताओं को उचित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण उत्पाद मिलेंगे, जिससे किसानों को भी बेहतर आय प्राप्त होगी। यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।


