गांधीनगर में आयोजित एससी-एसटी बिजनेस समिट को संबोधित करते इफको के अध्यक्ष दिलीप संघाणी ने समावेशी विकास पर जोर दिया और इस बात पर बल दिया कि सहकारी समितियां हाशिए पर पड़े उद्यमियों को मुख्यधारा की आर्थिक गतिविधियों में एकीकृत करने के एक शक्तिशाली माध्यम के रूप में उभर रही हैं।
पीएम मोदी के दृष्टिकोण का जिक्र करते हुए उन्होंने याद दिलाया कि आजादी के 75 साल बाद सरकार ने “सहकार से समृद्धि” के संकल्प के साथ सहकारिता मंत्रालय की स्थापना की, जिसका उद्देश्य सामूहिक प्रयासों के माध्यम से समृद्धि सुनिश्चित करना था।
उन्होंने कहा कि मंत्रालय सहकारी समितियों का आधुनिकीकरण करने, ऋण, बाजारों और प्रौद्योगिकी तक पहुंच का विस्तार करने और युवाओं और पहली पीढ़ी के उद्यमियों के लिए नए अवसर पैदा करने के लिए काम कर रहा है।
संगाणी ने कहा कि एससी-एसटी बिजनेस समिट संवाद, नेटवर्किंग और नीतिगत समर्थन के लिए एक सार्थक मंच प्रदान करता है, जिससे उद्यमियों को उद्यमों को बढ़ाने और राष्ट्र निर्माण में योगदान करने के साथ-साथ सामाजिक समानता और आर्थिक सशक्तिकरण को मजबूत करने में मदद मिलती है।


