तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर नवदीप सैनी (3/41 व अविजित 34 रन, 29 गेंद, एक छक्का, दो चौके) के हरफनमौला खेल तथा सलामी बल्लेबाज प्रियांश आर्य और तेजस्वी दहिया के तूफानी अर्द्धशतकों की बदौलत दिल्ली ने सौराष्ट्र को बेंगलुरू के अलूर दो मैदान पर सात गेंद के बाकी रहते वन डे विजय हजारे ट्रॉफी एलीट ग्रुप डी क्रिकेट मैच में तीन विकेट से हरा कर लगातार तीसरी जीत दर्ज की। दिल्ली की शुरू की दो जीत में भारत व दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में एक विराट कोहली ने शतक व अर्द्धशतक जड़ा था। विराट को दिल्ली के लिए शुरू के ये दोनों ही मैच खेलने थे और उनके बिना ही यह जीत और खास बन गई।
सलामी बल्लेबाज विश्वराज सिंह जडेजा (115 रन, 104 गेंद, एक छक्का, 13 चौके) और निचले क्रम में रुचिर अहीर की 65 गेंदों में 5 छक्कों और सात चौकों की मदद से 75 गेंदों पर अविजित 95 रन की पारी व छठे विकेट की 80 रन की भागीदारी की बदौलत सौराष्ट्र ने पहले बल्लेबाजी की दावत पाकर निर्धारित 50 ओवरों में सात विकेट पर 320 रन का मजबूत स्कोर बनाया। दिल्ली के सबसे कामयाब तेज गेंदबाज नवदीप सैनी (3/41) ने विश्वराज सिंह जडेजा को हर्ष त्यागी के हाथों कैच करा कर उनकी और अहीर की खतरनाक भागीदारी को तोड़ा।
जवाब में सलामी बल्लेबाज प्रियांश आर्य (78 रन, 45 गेंद, छह छक्के, पांच चौके) और तेजस्वी दहिया (53 रन, 51 गेंद, तीन छक्के, तीन चौके) के अर्द्धशतकों और हर्ष त्यागी की 49 रन की सूझबूझ भरी पारी की बदौलत दिल्ली ने 48.5 ओवर में सात विकेट पर 321 रन बनाकर मैच जीत लिया। प्रियांश आर्य ने अर्पित राणा (14 रन, 12 गेंद, 2 चौके) के साथ पहले विकेट के लिए 49 व खुद बाएं हाथ के तेज गेंदबाज चेतन सकारिया की गेंद पर धर्मेंद्र जडेजा को कैच थमा दूसरे खिलाड़ी के रूप में आउट होने से पहले दूसरे विकेट के लिए 66 रन जोड़े।
अर्पित राणा ने तेज गेंदबाज कप्तान चिराग जानी की गेंद पर धर्मेंद्र जडेजा को कैच थमाया। आयुष दुसेजा (24 रन, 38 गेंद, तीन चौके) प्रेरक मांकड़ की गेंद पर धर्मेंद्र जडेजा को कैच थमा तीसरे बल्लेबाज के रूप में 151 रन पर आउट हुए और दिल्ली के स्कोर में नौ रन और जुड़े थे कि नीतिश राणा (37 रन, 42 गेंद, छह चौके) ने हितेन कानबी की गेंद पर जानी को कैच थमा दिया।
कप्तान ऋषभ पंत (22 रन, 26 गेंद, दो छक्के) सौराष्ट्र के कप्तान चिराग जानी की गेंद पर बड़ा स्कोर खेलने की फिराक में जय गोहिल को कैच थमा बैठे और दिल्ली ने पांचवां विकेट 33वें ओवर में 208 रन पर गंवा दिया। तेजस्वी दहिया (53, 51 गेंद, तीन छक्के, तीन चौके) बढ़िया बल्लेबाजी करते हुए अचानक एकाग्रता खोकर अंकुर पवार की गेंद को उड़ाने की कोशिश में हितेन कानबी को कैच थमा बैठे और दिल्ली अपना छठा विकेट 38वें ओवर में 248 पर खोकर संकट में फंस गई।
संकट की इस घड़ी में हर्ष त्यागी (49 रन, 45 गेंद, एक छक्का, तीन चौके) और अनुभवी नवदीप सैनी (अविजित 34 रन) की सातवें विकेट की 69 रन की पारी की सबसे बड़ी भागीदारी की बदौलत दिल्ली ने मात्र सात गेंदों के बाकी रहते सात विकेट खोकर जीत का लक्ष्य हासिल कर दिया। हर्ष त्यागी ने हितेन कानबी की गेंद पर एच. देसाई को जब कैच थमाया तब दिल्ली जीत से मात्र चार रन दूर थी।


