केंद्र सरकार सहकारिता क्षेत्र में नई पहल करते हुए अब ओला-उबर की तर्ज पर ‘सहकार टैक्सी सेवा’ शुरू करने जा रही है। यह योजना सबसे पहले दिल्ली और गुजरात में शुरू होगी और बाद में देशभर में जिलास्तर तक इसका विस्तार किया जाएगा। सहकारिता मंत्रालय ने इसके लिए को-ऑपरेटिव लिमिटेड का गठन किया है। ऐप बनाने का काम अभी जारी है।
टैक्सी चालको को होगा मुनाफा
सहकार टैक्सी सेवा का सबसे बड़ा लाभ टैक्सी चालकों को मिलेगा। कमीशन न कटने से हर राइड पर अधिक आय होगी। अभी उन्हें अपनी कमाई का 20-30% तक कमीशन कंपनियों को देना पड़ता है, जबकि सहकार मॉडल में पूरा मुनाफा चालक और उपभोक्ता दोनों को मिलेगा। इससे उपभोक्ताओं को भी कम किराए में टैक्सी सेवा मिल सकेगी।
यात्रियों की सुरक्षा और भरोसा बढ़ेगा
सहकारी संस्था होने के कारण यात्रियों को भरोसा रहेगा कि सेवा निष्पक्ष और सुरक्षित होगी। ड्राइवर स्वयं सदस्य होंगे, इसलिए उनके द्वारा यात्रियों के साथ बेहतर व्यवहार बनाए रखने की कोशिश की जाएगी। इसके अलावा यात्रियों की शिकायतों का निवारण भी तेज़ी से होगा।
चालकों की सीधी भागीदारी
योजना के तहत चालक सदस्य सहकारी समिति के जरिए सीधे जुड़े रहेंगे। किसी भी नियम उल्लंघन पर उन्हें जिम्मेदारी उठानी होगी। साथ ही बीमा, लोन और अन्य सुविधाएं भी सहकारी संस्थाओं के जरिए उपलब्ध कराई जाएंगी।


