अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के अवसर पर सहकार भारती उत्तर प्रदेश द्वारा रविवार को चौधरी चरण सिंह ऑडिटोरियम, लखनऊ में राज्य शुगर सेल सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में प्रदेशभर से सैकड़ों गन्ना किसान और सहकारी चीनी मिलों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
कार्यक्रम में सहकार भारती के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश प्रभारी सुनील गुप्ता मुख्य वक्ता रहे। वहीं राज्य अध्यक्ष अरुण सिंह, उत्तर प्रदेश चीनी सहकारी संघ के उपाध्यक्ष ऋषिकांत राय, संगठन प्रमुख कर्मवीर सिंह और महिला प्रमुख मीनाक्षी राय सहित कई प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में सुनील गुप्ता ने सहकार मंत्रालय के अंतर्गत केंद्र सरकार की कई महत्वपूर्ण पहलों पर प्रकाश डाला- जैसे मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव एक्ट में संशोधन, नई सहकारी नीति, सहकारी बीज व आयात-निर्यात संगठन, अर्बन बैंकों के लिए अंब्रेला योजना, और किसानों की आय दोगुनी करने के प्रयास। उन्होंने बताया कि देश की कुल चीनी उत्पादन का लगभग 30 प्रतिशत योगदान 234 सहकारी चीनी मिलों से आता है।
गुप्ता ने यह भी स्वीकार किया कि सहकारी मिलों और किसानों को भुगतान में देरी और प्रशासनिक उदासीनता जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि शुगर सेल द्वारा तैयार 14 सूत्रीय मांगपत्र राज्य एवं केंद्र सरकार को शीघ्र निवारण हेतु प्रस्तुत किया जाएगा।
सम्मेलन में सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने, किसानों की भागीदारी बढ़ाने और चीनी उद्योग को आत्मनिर्भर बनाने पर विस्तृत चर्चा की गई।


