भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में निगरानी को मजबूत करते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने नियामकीय निर्देशों का पालन न करने पर दो सहकारी बैंकों पर मौद्रिक जुर्माना लगाया है।
आरबीआई के 9 फरवरी 2026 के आदेश के अनुसार राजस्थान के गंगानगर केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड पर 3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। यह कार्रवाई KYC (नो योर कस्टमर) मानकों के उल्लंघन के कारण की गई। बैंक का वैधानिक निरीक्षण NABARD द्वारा 31 मार्च 2025 की वित्तीय स्थिति के संदर्भ में किया गया था।
जांच में पाया गया कि बैंक खातों की जोखिम श्रेणी की कम से कम छह माह में एक बार समीक्षा करने की प्रणाली लागू करने में विफल रहा। साथ ही ग्राहकों के KYC दस्तावेजों का समय-समय पर अद्यतन भी नियमानुसार नहीं किया गया। आरबीआई ने यह जुर्माना शो-कॉज नोटिस पर बैंक के जवाब और मौखिक प्रस्तुतियों पर विचार करने के बाद लगाया।
एक अलग कार्रवाई में 11 फरवरी 2026 को आरबीआई ने ओडिशा के बरहामपुर को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड पर 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। बैंक ने इंटर-बैंक (ग्रॉस) एक्सपोजर लिमिट और इंटर-बैंक काउंटर-पार्टी लिमिट से जुड़े प्रूडेंशियल मानकों का उल्लंघन किया था। इस बैंक का निरीक्षण भी 31 मार्च 2025 की वित्तीय स्थिति के आधार पर किया गया।
आरबीआई ने स्पष्ट किया कि ये जुर्माने नियामकीय कमियों से संबंधित हैं और इनका ग्राहकों के लेन-देन या जमा की वैधता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।


