कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अधीन पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने नेशनल गोपाल रत्न अवॉर्ड्स (NGRA) 2025 की घोषणा कर दी है। यह पुरस्कार भारत की डेयरी और पशुधन क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले किसानों, सहकारी समितियों और संस्थानों को दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है।
इस वर्ष के परिणामों ने यह स्पष्ट किया है कि देश में डेयरी सहकारी समितियाँ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, किसानों को समर्थ बनाने और देशी नस्लों के संरक्षण में अहम भूमिका निभा रही हैं।
सहकारी समितियों की श्रेणी (Non-NER) में विजेता
- प्रथम स्थान: मीनेन गाड़ी क्षीरोलपदका सहकारण संघम, वायनाड (केरल)
- द्वितीय स्थान (संयुक्त):
- कुन्नमकट्टुपति क्षीरोलपदका सहकारण संघम, पलक्कड़ (केरल)
- घिनोई दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति, जयपुर (राजस्थान)
- तृतीय स्थान: TYSPL 37 सेंदुरई मिल्क प्रोड्यूसर्स कोऑपरेटिव सोसाइटी, तमिलनाडु
हिमालयी क्षेत्र से विशेष सम्मान
- कुल्हा दूध उत्पादक सहकारी समिति, उत्तराखंड को विशेष हिमालयी राज्य श्रेणी में सम्मानित किया गया है।
पुरस्कार राशि
प्रथम पुरस्कार: 5 लाख रुपये, द्वितीय पुरस्कार: 3 लाख रुपये, तृतीय पुरस्कार: 2 लाख रुपये, NER/हिमालयी राज्यों के विशेष पुरस्कार: 2 लाख रुपये, AIT श्रेणी: प्रमाणपत्र और स्मृति चिन्ह
ये पुरस्कार 26 नवंबर 2025 को नेशनल मिल्क डे के अवसर पर प्रदान किए जाएंगे। इस वर्ष कुल 2,081 आवेदन प्राप्त हुए, जो देश में डेयरी क्षेत्र की बढ़ती जागरूकता और सक्रिय भागीदारी को दर्शाते हैं।


