केंद्र सरकार ने व्यक्तिगत स्वास्थ्य व जीवन बीमा पॉलिसियों पर लगने वाले 18 प्रतिशत जीएसटी को पूरी तरह से समाप्त करने का प्रस्ताव रखा है। सरकार का मानना है कि इससे आम लोगों के लिए बीमा पॉलिसियां सस्ती होंगी और अधिक लोग इसका लाभ उठा पाएंगे।
बुधवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई बैठक में मंत्रियों के समूह (जीओएम) ने इस प्रस्ताव पर चर्चा की। बैठक में सभी राज्यों के विचार शामिल किए गए और इसे सहमति के लिए राज्यों को भेजा गया है।
फिलहाल स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर जीएसटी से सरकार को वित्त वर्ष 2023-24 में करीब 8,262.94 करोड़ रुपये और जीवन बीमा पुनर्बीमा प्रीमियम से लगभग 1,484.48 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।
बिहार के उपमुख्यमंत्री और बीमा पर गठित मंत्रियों के समूह के संयोजक सम्राट चौधरी ने कहा कि अधिकांश राज्यों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया है। हालांकि, कुछ राज्यों ने इस पर अपनी अलग राय भी दी है।
तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने कहा कि जीएसटी छूट का सीधा लाभ बीमा कंपनियों को नहीं बल्कि पॉलिसीधारकों को मिलना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि बीमा कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि टैक्स कटौती का लाभ आम लोगों तक पहुंचे।
केंद्र सरकार का उद्देश्य है कि बीमा उत्पादों को सस्ता बनाकर अधिक से अधिक लोगों को कवरेज दिया जा सके। अंतिम निर्णय अब जीएसटी परिषद की बैठक में लिया जाएगा।
अगर प्रस्ताव लागू होता है तो हेल्थ व लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम पर लगने वाला 18% जीएसटी पूरी तरह खत्म हो जाएगा। इससे लाखों पॉलिसीधारकों को बड़ी राहत मिलेगी।


