पीएम मोदी ने शुक्रवार को बिहार के सीवान का दौरा किया, इस दौरान उन्होंने राज्य को 5200 करोड़ रुपये की परियोजना की सौगात भी दी। इस दौरान पीएम मोदी पीएम आवास योजना (शहरी) के तहत 53,600 लाभार्थियों को ₹510 करोड़ की पहली किस्त जारी की गई। साथ ही 6,600 से अधिक शहरी गरीब परिवारों को उनके नए घरों की चाबियां सौंपी गई।
प्रधानमंत्री ने रेलवे क्षेत्र में बड़ी पहल करते हुए नई वैशाली–देवरिया रेल परियोजना का उद्घाटन किया, जिसकी लागत 400 करोड़ रुपये से अधिक है। साथ ही उत्तर बिहार की कनेक्टिविटी को सशक्त करने की दिशा में उन्होंने पाटलिपुत्र से गोरखपुर तक वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को भी रवाना किया, जो मुजफ्फरपुर और बेतिया होते हुए चलेगी।
‘मेक इन इंडिया – मेक फॉर द वर्ल्ड’ के संकल्प को साकार करते हुए प्रधानमंत्री ने सारण जिले के मरहौरा लोकोमोटिव फैक्ट्री में निर्मित अत्याधुनिक इंजन को गणराज्य गिनी के लिए रवाना किया। यह पहला मौका है जब इस फैक्ट्री में बना इंजन विदेश भेजा गया है। प्रधानमंत्री ने ‘नमामि गंगे’ परियोजना के अंतर्गत 1,800 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित छह सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स का उद्घाटन किया, जो इस क्षेत्र के लाखों लोगों की जरूरतों को पूरा करेंगे।
प्रधानमंत्री ने जलापूर्ति, स्वच्छता और सीवेज ट्रीटमेंट से जुड़ी 3,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का भी शिलान्यास किया, जिनका उद्देश्य बिहार के विभिन्न शहरों में स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
बिजली ढांचे को मजबूत करने की दिशा में प्रधानमंत्री ने राज्य के 15 ग्रिड उपकेंद्रों पर 500 मेगावाट घंटे (MWh) की क्षमता वाले बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली परियोजना की आधारशिला रखी। इन ग्रिडों में 20 से 80 MWh तक की बैटरियां लगाई जाएंगी जो आपातकालीन या उच्च दरों पर बिजली खरीद से बचाकर उपभोक्ताओं को लाभ पहुंचाएंगी।


