केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में सहकारिता मंत्रालय में विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सहकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर, मुरलीधर मोहोल सहित सहकारिता मंत्रालय, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय, उपभोक्ता मंत्रालय, भारतीय खाद्य निगम (FCI), नाबार्ड, राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) और अन्य संबंधित संगठनों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के “सहकार से समृद्धि” के विज़न को मूर्त रूप देने की दिशा में यह योजना एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि यह योजना न केवल देश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करेगी, बल्कि रोजगार सृजन और PACS (प्राथमिक कृषि ऋण समितियों) की आर्थिक मजबूती में भी सहायक होगी।
अमित शाह ने कृषि अवसंरचना निधि (AIF) के अंतर्गत ऋण अवधि के विस्तार और त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया, जिससे PACS की वित्तीय स्थिति और अधिक सशक्त हो सके। उन्होंने कहा कि PACS को योजना का अभिन्न हिस्सा बनाना आवश्यक है, ताकि ग्रामीण क्षेत्र में गोदाम निर्माण से स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिले और सहकारी संस्थानों की प्रभावशीलता भी सुनिश्चित हो।
बैठक में FCI, NCCF, NAFED और राज्य वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशनों को PACS को अधिक से अधिक गोदामों से जोड़ने हेतु ठोस दिशा-निर्देश जारी किए गए। साथ ही राज्यों से अनुरोध किया गया कि वे राज्य स्तरीय मार्केटिंग फेडरेशनों और PACS को इस योजना से अधिकतम स्तर पर जोड़ें, जिससे एक समर्पित सहकारी आपूर्ति श्रृंखला का निर्माण संभव हो सके।
अमित शाह ने सभी विभागों और संगठनों से समन्वय स्थापित कर समयबद्ध एवं प्रभावशाली कार्यान्वयन की अपील की, जिससे यह योजना ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘सहकार से समृद्धि’ के लक्ष्य को मजबूत आधार प्रदान कर सके।


