विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने 26 मई 2025 को संसद की विदेश मामलों की सलाहकार समिति को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि 7 मई 2025 की रात भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और पाकिस्तान में स्थित नौ आतंकी शिविरों पर सटीक हवाई हमले किए। यह कार्रवाई 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में थी, जिसमें 26 लोगों की मृत्यु हुई थी। विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन के शुरू होने के 30 मिनट बाद पाकिस्तान के सैन्य अभियान महानिदेशक (DGMO) को इसकी सूचना दी गई थी, न कि ऑपरेशन से पहले कोई चेतावनी दी गई थी।
जयशंकर ने कांग्रेस पार्टी के उन आरोपों को सिरे से खारिज किया, जिनमें दावा किया गया था कि भारत ने ऑपरेशन से पहले पाकिस्तान को सूचित किया था। उन्होंने इन आरोपों को “तथ्यों की गलत व्याख्या” करार देते हुए कहा कि केवल DGMO स्तर पर सीमित संवाद हुआ, जो ऑपरेशन के पूरा होने के बाद था। उन्होंने यह भी बताया कि इस कार्रवाई में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 प्रतिबंध समिति द्वारा नामित आतंकी संगठनों, जैसे लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद, के ठिकानों को निशाना बनाया गया।
विदेश मंत्री ने जोर देकर कहा कि इस अभियान में अमेरिका या किसी भी अन्य अंतरराष्ट्रीय पक्ष की कोई भूमिका नहीं थी और यह पूर्णत: भारत की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के अनुरूप किया गया। उन्होंने यह भी बताया कि ऑपरेशन को पाकिस्तानी DGMO के आग्रह पर रोका गया था, न कि किसी विदेशी दबाव के कारण।
जयशंकर ने कहा कि इस सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तानी सेना और आतंकी संगठनों का मनोबल कमजोर हुआ है। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान को आतंकवाद के समर्थन के लिए बेनकाब करने में सक्रिय भूमिका निभाएं।


