केंद्रीय गृह एंव सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को लोकसभा में जानकारी दी कि बहु-राज्य सहकारी समितियों (Multi-State Cooperative Societies) के बोर्ड में दो सीटें महिलाओं के लिए और एक सीट अनुसूचित जाति (SC) या अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित की गई हैं।
अमित शाह से नेता प्रतिपक्ष कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सरकार से सहकारिता क्षेत्र में SC/ST की भागीदारी बढ़ाने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी थी।
लिखित जवाब में शाह ने कहा कि सरकार ने प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS) के लिए भी मॉडल उपनियम (Model Bye-laws) तैयार कर सभी राज्यों को भेजे हैं, जिनमें महिलाओं और SC/ST को उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने बताया कि “महिलाओं, SC और ST की भागीदारी बढ़ाने के लिए सरकार ने बहु-राज्य सहकारी समितियां (संशोधन) अधिनियम, 2023 और उसके तहत बने नियमों में दो सीटें महिलाओं और एक सीट SC/ST के लिए आरक्षित की हैं।”
इसके अलावा सहकारिता मंत्रालय PACS के लिए समावेशी उपनियम राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को भेज चुका है, ताकि अधिक से अधिक महिलाओं और SC/ST समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।
राहुल गांधी ने यह भी सवाल किया था कि क्या सहकारिता मंत्रालय की प्रमुख योजनाओं में, खासकर एथनॉल संयंत्र स्थापित करने हेतु वित्तीय सहायता में, SC/ST उप-योजना के तहत अनिवार्य आवंटन से छूट दी गई है।
जवाब में मंत्रालय ने कहा कि वह कई योजनाएं चला रहा है, जिनमें PACS का कंप्यूटरीकरण, सहकारी चीनी मिलों को सुदृढ़ करने के लिए राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम को अनुदान और सहकारी समितियों के लिए आईटी हस्तक्षेप शामिल हैं।
सरकार ने स्पष्ट किया कि ये सभी योजनाएं सहकारी समितियों के किसान सदस्यों को लाभ पहुंचा रही हैं, जिनमें SC/ST किसान भी शामिल हैं। योजनाओं की प्रकृति को देखते हुए इसमें अनिवार्य आवंटन से छूट दी गई है।


