ओडिशा सरकार ने कृषि क्षेत्र में डिजिटल क्रांति का एक नया अध्याय जोड़ा है। राज्य के 30 जिलों एवं 312 ब्लॉकों में गठित 975 से अधिक Farmer Producer Organisations (FPOs) अब एक ही छतरी के नीचे ‘FPO ओडिशा पोर्टल’ पर एकीकृत हो चुके हैं। इस पोर्टल के माध्यम से 3.2 लाख से अधिक छोटे किसान एक मजबूत डिजिटल नेटवर्क से जुड़कर खेती, व्यापार और कृषि इनपुट से संबंधित सेवाओं को ऑनलाइन संचालित कर पा रहे हैं।
लाइसेंसिंग और इनपुट सप्लाई बनी आसान
एफपीओ इस पोर्टल पर बीज, खाद और कीटनाशक बेचने के लिए लाइसेंस संबंधी आवेदन कर सकते हैं और अपने आवेदन की स्थिति तुरंत देख सकते हैं। अब उन्हें विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं है, जिससे समय और लागत दोनों की बचत हो रही है।
‘FPO Assist’: किसानों के लिए डिजिटल मार्केटप्लेस
पोर्टल पर मौजूद ‘FPO Assist’ एक डिजिटल मंडी की तरह काम करता है, जिसमें एफपीओ अपनी फसलों को सूचीबद्ध कर सकते हैं और खरीदार सीधे प्लेटफॉर्म के माध्यम से उनसे संपर्क कर सकते हैं। अभी तक 313 से ज्यादा कमोडिटी लिस्टिंग और 70 खरीदारों की सीधी लिंकिंग इस पहल के माध्यम से की जा चुकी है, जिससे किसानों की बिक्री प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और भरोसेमंद बनी है।
बड़े डिजिटल नेटवर्क से जुड़ा हुआ प्लेटफॉर्म
यह पोर्टल ओडिशा के प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म Krushak Odisha, Go Sugam, SAFAL और OSAMB से जुड़ा हुआ है। इसमें ‘Search and Connect’ फीचर खरीदारों को लोकेशन, फसल और बिज़नेस के आधार पर एफपीओ खोजने की सुविधा देता है। साथ ही, इसमें जल्द ही एक AI चैटबॉट भी जोड़ा जाएगा, जो एफपीओ को योजनाओं, लाइसेंसिंग, कंप्लायंस और बिज़नेस प्लानिंग में सहायता करेगा।
राष्ट्रीय स्तर पर बना मॉडल
इस पोर्टल को हाल ही में गेट्स फाउंडेशन की 40 सदस्यीय अंतरराष्ट्रीय टीम के सामने प्रदर्शित किया गया, जहां लाइव डेमो के जरिए इसकी कार्यप्रणाली प्रस्तुत की गई। केंद्र सरकार के मार्केटिंग निदेशालय ने इसे एक ऐसा प्रभावी मॉडल बताया है, जिसे अन्य राज्यों में भी लागू किया जा सकता है।


