केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को लोकसभा में एक लिखित उत्तर में जानकारी दी कि फोर्टिफाइड (पोषक तत्वों से युक्त) खाद्यान्न- जिनमें चावल, दालें, मसूर और मटर शामिल हैं, की खरीद सहकारी समितियों या संघों जैसे नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NAFED) और नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर्श फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NCCF) के माध्यम से नहीं की जाती।
हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि धान और कच्ची दालों की खरीद इन सहकारी एजेंसियों के माध्यम से की जाती है।
अमित शाह ने आगे बताया कि भारत सरकार ने सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी से निपटने के उद्देश्य से चावल में आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन बी12 मिलाकर फोर्टिफिकेशन के लिए एक केंद्र प्रायोजित योजना शुरू की है। इसका उद्देश्य समाज के कमजोर और संवेदनशील वर्गों को पोषण सुरक्षा प्रदान करना है।
इस योजना के तहत फोर्टिफाइड चावल का वितरण सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS), एकीकृत बाल विकास सेवा (ICDS), पीएम-पोषण योजना और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) सहित विभिन्न कल्याणकारी कार्यक्रमों के माध्यम से किया जा रहा है।
अमित शाह ने यह भी बताया कि सरकार ने जुलाई 2024 से दिसंबर 2028 तक सभी सरकारी योजनाओं जिसमें PMGKAY और अन्य कल्याणकारी योजनाएं शामिल हैं, के तहत फोर्टिफाइड चावल की सार्वभौमिक आपूर्ति को जारी रखने की मंजूरी दे दी है।


