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बिहार में मछली पालन की नई क्रांति: एनएफडीपी से पाएं 35% अनुदान

प्लेटफॉर्म पर रजिस्ट्रेशन के लिए इच्छुक व्यक्ति  https://nfdp.dof.gov.in पर लॉग इन कर सकते हैं या नजदीकी जिला मत्स्य कार्यालय से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

Published: 09:00am, 25 Jul 2025

बिहार सरकार ने राज्य में मछली पालन को संगठित, समृद्ध और सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना के तहत नेशनल फिशरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म (एनएफडीपी) की शुरुआत की गई है। यह प्लेटफॉर्म असंगठित मछुआरों को डिजिटल पहचान देने और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पहुंचाने में सहायक बन रहा है।

एनएफडीपी को पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के मत्स्य प्रभाग द्वारा संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य मछुआरों, मत्स्य पालकों और सहायक श्रमिकों को एक डिजिटल और व्यवस्थित ढांचे में लाना है। पंजीकरण के बाद मछुआरों को डिजिटल पहचान पत्र दिया जाता है, जिससे वे आसानी से सब्सिडी, ऋण, प्रशिक्षण व अन्य योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं।

प्लेटफॉर्म पर रजिस्ट्रेशन के लिए इच्छुक व्यक्ति  https://nfdp.dof.gov.in पर लॉग इन कर सकते हैं या नजदीकी जिला मत्स्य कार्यालय से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

इसके अलावा, प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों (SHGs), सहकारी समितियों और छोटे उद्यमों को 35% तक प्रदर्शन अनुदान दिया जा रहा है। इससे उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता बढ़ाने में सहायता मिल रही है।

अब तक 1.23 लाख से अधिक मत्स्य पालक एनएफडीपी पर पंजीकरण करा चुके हैं, जो राज्य में इस डिजिटल पहल की सफलता का संकेत है। यह पहल मछुआरों को न केवल आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है, बल्कि मछली पालन को एक आधुनिक और लाभकारी उद्यम के रूप में स्थापित करने में भी सहायक हो रही है।

Diksha

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