केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के तीन दिवसीय इजरायल दौरे ने सहयोग आधारित विकास को नई दिशा दी है। इस दौरे में कृषि, तकनीक और सहकारी क्षेत्र विशेष फोकस में रहे। दौरे ने दोनों देशों के रणनीतिक संबंध मजबूत किए और भारतीय सहकारी संस्थाओं विशेषकर अमूल जैसी डेयरी कंपनियों के लिए एग्रीटेक, वाटर मैनेजमेंट और सामुदायिक कृषि मॉडल पर इजरायल के साथ नए अवसर खोले।
गोयल की इजरायल के कृषि एवं खाद्य सुरक्षा मंत्री एवी डिचर से मुलाकात इस यात्रा की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में रही। डिचर ने उन्हें इजरायल के दीर्घकालिक फूड-सिक्योरिटी रोडमैप, उन्नत बीज-प्रौद्योगिकी और कृषि में पानी के पुनः उपयोग की वैश्विक अग्रणी व्यवस्था के बारे में विस्तार से बताया। ये क्षेत्र भारत के सहकारी सेक्टर की प्राथमिकताओं से गहराई से मेल खाते हैं।
भारत की डेयरी सहकारी संस्थाएँ विशेषकर गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (GCMMF), जो अमूल का संचालन करती है , पहले से ही इजरायल में सहयोग के नए अवसर तलाश रही हैं। अमूल इजरायल के कोषेर-प्रमाणित डेयरी बाजार में प्रवेश को लेकर उत्साहित है। विश्व का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक होने के नाते भारत के लिए तकनीकी सहयोग, संयुक्त उपक्रम और बाजार विस्तार की संभावनाएँ बेहद व्यापक हैं।
पेरेस सेंटर फॉर पीस एंड इनोवेशन के दौरे में गोयल ने इजरायल के इनोवेशन इकोसिस्टम को करीब से समझा- ड्रिप इरिगेशन तकनीक, कृषि सेंसर और अगली पीढ़ी की तकनीकों सहित अनेक क्षेत्रों में भारत के सहकारी कृषि मॉडल के लिए उपयोगी समाधान देखने को मिले। गोयल ने इस केंद्र को इजरायल की जमीनी चुनौतियों को वैश्विक समाधान में बदलने की क्षमता का प्रतीक बताया।
किबुत्ज रामत राचेल की यात्रा ने भारत और इजरायल के सहकारी मूल्यों के बीच समानता को और स्पष्ट किया। सामूहिक स्वामित्व और लोकतांत्रिक निर्णय प्रक्रिया पर आधारित किबुत्ज मॉडल भारत की सहकारी परंपरा से मिलता-जुलता है। इसकी सतत कृषि और सहभागितापूर्ण शासन व्यवस्था भारत की सहकारी संस्थाओं के आधुनिकीकरण में प्रेरणा दे सकती है।
व्यापारिक मोर्चे पर गोयल ने इजरायल के अर्थव्यवस्था मंत्री निर बरकात और वित्त मंत्री बेजालेल स्मोट्रिच से निवेश, फिनटेक और विनियामक सहयोग पर व्यापक चर्चा की। इंडिया–इजरायल बिजनेस फोरम में एग्रीटेक, AI, प्रिसिजन इंजीनियरिंग और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग में निजी क्षेत्र की मजबूत रुचि देखने को मिली, वे क्षेत्र जहाँ भारतीय सहकारी संस्थाएँ भी लाभ उठा सकती हैं।
दौरे का सबसे बड़ा आकर्षण भारत–इजरायल मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के लिए टर्म्स ऑफ रेफरेंस पर हस्ताक्षर रहा। समझौता होने के बाद डेयरी उत्पादों, प्रोसेस्ड फूड्स और फार्म टेक्नोलॉजी में भारतीय सहकारी निर्यातकों के लिए नए अवसर खुलेंगे। विशेष रूप से अमूल जैसे ब्रांडों को गैर-शुल्क बाधाओं में कमी से बड़ा लाभ मिल सकता है।
गोयल ने नेटाफिम, IDE टेक्नोलॉजीज और चेक प्वॉइंट जैसी अग्रणी कंपनियों से भी मुलाकात की, जहाँ प्रिसिजन इरिगेशन, जल प्रबंधन और साइबर सुरक्षा पर सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई- ये क्षेत्र भारतीय ग्रामीण सहकारी अवसंरचना और आपूर्ति-श्रृंखला को मजबूत करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।


