राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) ने हरित प्रदेश मिल्क प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन के सहयोग से मेरठ में गौवंश स्वास्थ्य पर एथ्नोवेटरिनरी प्रैक्टिसेज (EVP) विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम एनडीडीबी की “वन हेल्थ” पहल के तहत दिशा (DISHA – Dairy Integrated Safety and Health Action) परियोजना का हिस्सा था।
कार्यक्रम का उद्देश्य पशु चिकित्सकों और पैरा-वेटरिनरी कर्मियों को एक मंच पर लाकर फील्ड स्तर पर पशुधन स्वास्थ्य प्रबंधन में EVP के एकीकरण को मजबूत करना था। इसमें रोगों की रोकथाम, एंटीमाइक्रोबियल दवाओं के कम उपयोग और झुंड के समग्र स्वास्थ्य में सुधार पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन हरित प्रदेश के मुख्य कार्यकारी एवं निदेशक डॉ. हितेश पूनिया ने किया। उन्होंने डेयरी पशुओं में रोग नियंत्रण और रोकथाम के लिए वैकल्पिक पशु चिकित्सा पद्धतियों की बढ़ती प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। एनडीडीबी के पशु स्वास्थय के वरिष्ठ प्रबंधक डॉ. पंकज दत्ता ने DISHA परियोजना के अंतर्गत EVP के फील्ड स्तर पर क्रियान्वयन के अनुभव साझा किए और डेयरी प्रणालियों में एंटीमाइक्रोबियल उपयोग कम करने में इसकी भूमिका को रेखांकित किया।
तकनीकी सत्रों का नेतृत्व प्रो. एन. पुन्नियमूर्ति, प्रोफेसर एमेरिटस (TDU) एवं एनडीडीबी के सलाहकार ने किया। उन्होंने सामान्य गौवंश रोगों के लिए EVP आधारित समाधान और झुंड के स्वास्थ्य परिणामों में सुधार में उनके योगदान पर विस्तृत जानकारी दी।


