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NCUI ने कार्बन-स्मार्ट खेती को बढ़ावा देने के लिए कैराली CO-OP के साथ हाथ मिलाया

एमओयू का उद्देश्य जलवायु-स्मार्ट कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना, किसानों में जागरूकता बढ़ाना और क्षमता-वर्धन कार्यक्रमों का संचालन करना है, जिससे सहकारी ढांचे के माध्यम से कार्बन क्रेडिट उत्पन्न किए जा सकें

Published: 11:05am, 20 Nov 2025

नई दिल्ली में बुधवार को नेशनल कोऑपरेटिव यूनियन ऑफ इंडिया (NCUI) और त्रिशूर, केरल की कैराली एग्रीकल्चर मल्टी स्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर और आदान-प्रदान किया गया। यह समझौता देशभर में सहकारी नेतृत्व वाली सतत कृषि, कार्बन कमी और ग्रीन फाइनेंस पहलों को सशक्त करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

क्लाइमेटस्मार्ट खेती और कार्बन क्रेडिट सशक्तिकरण पर सहयोग

एमओयू का उद्देश्य जलवायु-स्मार्ट कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना, किसानों में जागरूकता बढ़ाना और क्षमता-वर्धन कार्यक्रमों का संचालन करना है, जिससे सहकारी ढांचे के माध्यम से कार्बन क्रेडिट उत्पन्न किए जा सकें।

हस्ताक्षर के बाद एनसीयूआई अध्यक्ष दिलीप संघाणी ने कहा कि दोनों संस्थाएँ मिलकर किसानों को उन्नत कृषि पद्धतियाँ, सतत खेती तकनीक और राष्ट्रीय जलवायु लक्ष्यों के अनुरूप ग्रीन फाइनेंस तक पहुंच उपलब्ध कराएँगी।

डिजिटल AGRONET प्लेटफॉर्म की महत्वपूर्ण भूमिका

सहयोग कैराली के AGRONET मोबाइल एप्लिकेशन के महत्व को भी रेखांकित करता है, जो किसानों के डिजिटल पंजीकरण, सतत कृषि प्रथाओं की रियल-टाइम निगरानी और कार्बन क्रेडिट जनरेशन की पारदर्शी ट्रैकिंग की सुविधा प्रदान करता है।

एमओयू के तहत भारत के सहकारी आधारित कार्बन क्रेडिट मॉडल को वैश्विक बाजारों तक विस्तार देने की भी योजना है, ताकि किसान अंतरराष्ट्रीय ग्रीन फाइनेंस और क्रॉस-बॉर्डर कार्बन ट्रेडिंग के अवसरों से जुड़ सकें।

नवाचार आधारित जलवायुसुरक्षा परियोजनाओं को बढ़ावा

साझेदारी के अंतर्गत माइक्रोएल्गी आधारित ‘लिक्विड ट्री’ शहरी वायु-शोधन प्रणाली और ब्लैक सोल्जर फ्लाई लार्वा आधारित परिपत्र जैव-कचरा प्रबंधन इकाइयों जैसी परियोजनाओं को बढ़ावा देने की योजना है। ये परियोजनाएँ कार्बन क्रेडिट उत्पन्न करने के साथ-साथ जलवायु-सहिष्णुता और पुनर्योजी कृषि को मजबूत करेंगी।

वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति

समारोह में दोनों संगठनों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। एनसीयूआई की ओर से अध्यक्ष दिलीप संघाणी और मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुधीर महाजन। कैराली एमएससीएस लिमिटेड की ओर से अध्यक्ष के. वी. अशोकन, कार्बन क्रेडिट प्रोजेक्ट प्रमुख लतीश वी. के., मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रदीप कुमार, निदेशक निशा राजू, जसेलिन जैम्स, रंजीत कुमार पी जी और चार्ल्स मैथ्यूज (मुख्य महाप्रबंधक) शामिल थे।

5,000 से अधिक किसानों को सीधे लाभ

कैराली एमएससीएस के प्रदीप कुमार और लतीश वी. के. ने एनसीयूआई अध्यक्ष को उन पहलों की जानकारी दी, जिनसे केरल के 5,000 से अधिक किसानों को सीधे कार्बन क्रेडिट लाभ प्राप्त हुआ है। उन्होंने भारत और पड़ोसी देशों में कार्बन उत्सर्जन में कमी व उत्पादन कार्यक्रमों को लागू करने में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया, जिससे सहकारी क्षेत्र की सतत विकास लक्ष्यों में भूमिका और मजबूत होगी।

सहकारी क्षेत्र द्वारा कृषि परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा

कार्यक्रम में बोलते हुए दिलीप संघाणी ने राष्ट्रीय कृषि परिवर्तन और पर्यावरणीय संरक्षण में सहकारी क्षेत्र की अहम भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने किसानों की आय बढ़ाने में कैराली की कार्बन क्रेडिट पहलों की सराहना की।
यह साझेदारी आने वाले वर्षों में सहकारी संचालित ग्रीन डेवलपमेंट को गति देगी और कई राज्यों के किसानों को लाभ पहुंचाएगी।

Diksha

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