देश भर की सहकारी समितियों की शीर्ष संस्था भारतीय राष्ट्रीय सहकारी संघ (NCUI) के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स का चुनाव नवंबर में होने की संभावना है। सूत्रों ने युवा सहकार (Yuva Sahakar) को यह जानकारी दी है। NCUI के बोर्ड में 22 डायरेक्टर्स होते हैं जिनका चुनाव 341 प्रतिनिधि करते हैं। विभिन्न राज्यों में मौजूद इन 341 प्रतिनिधियों के चुनाव की प्रक्रिया इस समय चल रही है। इनका चुनाव संपन्न होते ही बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स का चुनाव होगा।
बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स का चुनाव होते ही NCUI के सीईओ सुधीर महाजन (CEO Sudhir Mahajan) का भी भविष्य तय हो जाएगा। अभी वह सेवा विस्तार पर चल रहे हैं। उनका कार्यकाल फरवरी 2026 में समाप्त हो रहा है। सूत्रों का कहना है कि उन्हें अगला सेवा विस्तार मिलने की संभावना बहुत कम है क्योंकि एनसीयूआई के चेयरमैन दिलीप संघाणी (Dileep Sanghani) ने इससे पहले सेवा विस्तार पर चल रहे मोटी तनख्वाह वाले सभी रिटायर कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से हटा दिया था। चूंकि सुधीर महाजन सीईओ हैं, इसलिए उनका कार्यकाल खत्म होने का इंतजार किया जा रहा है।
इससे पहले 27 अगस्त को हुई बोर्ड मीटिंग में 20 सितंबर को एजीएम (सालाना आम सभा) कराने का फैसला किया गया। बैठक के प्रमुख एजेंडों में AGM की तिथि तय करना और NCUI के उपनियमों को मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटीज एक्ट में हाल में हुए संशोधनों के अनुसार ढालना शामिल था।
बैठक की अध्यक्षता NCUI अध्यक्ष दिलीप संघानी ने की, जिसमें डॉ. चंद्रपाल सिंह यादव, एच.के. पाटिल, बिजेंद्र सिंह, मुदित वर्मा सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। कुछ नेता, जैसे पूर्व BISCOMAUN अध्यक्ष, जो इन दिनों बिहार विधानसभा चुनावों में व्यस्त हैं, ने बैठक में वर्चुअल रूप से हिस्सा लिया।
बैठक में मुख्य एजेंडा AGM की तिथि तय करने और उपनियमों को हाल ही में संशोधित बहु-राज्यीय सहकारी समितियां अधिनियम के अनुरूप बनाने का था। गवर्निंग काउंसिल ने उपनियम संशोधनों को मंजूरी दी, जिसके तहत निर्वाचन क्षेत्रों को चार स्पष्ट श्रेणियों में विभाजित किया गया। इससे पहले जो भ्रम की स्थिति थी, वह अब समाप्त हो जाएगी।
अध्यक्ष संघानी ने बताया कि उन्होंने और NCUI के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुधीर महाजन ने सहकारी चुनाव प्राधिकरण से मुलाकात कर उपयुक्त संशोधनों पर विचार-विमर्श किया था। “हमने उनकी बातें सुनीं, उन्होंने हमारी सुनीं और एक संतुलित रास्ता निकला,” संघानी ने कहा।
संशोधित संरचना के अनुसार, NCUI की 20 सदस्यीय गवर्निंग काउंसिल में सात सदस्य राज्य सहकारी संघों से और छह सदस्य राष्ट्रीय सहकारी महासंघों से चुने जाएंगे। इनमें राज्य सहकारी बैंक, राज्य विपणन महासंघ, राज्य दुग्ध महासंघ, राज्य आवास महासंघ आदि शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, बहु-राज्यीय सहकारी समितियों के लिए दो सीटें आरक्षित की गई हैं। इनमें से एक सदस्य उत्तर एवं उत्तर-पूर्व भारत से और दूसरा महाराष्ट्र व दक्षिणी राज्यों से चुना जाएगा। इसके लिए पूरे भारत की सभी बहु-राज्यीय सहकारी समितियों को मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा।
इसके अलावा, एक सरकारी नामित सदस्य भी गवर्निंग काउंसिल का हिस्सा होगा। वर्तमान में डॉ. उदय जोशी, अध्यक्ष, सहकार भारती, इस पद पर कार्यरत हैं। परंपरागत रूप से NCUI गवर्निंग काउंसिल में कम से कम दो अनुभवी सहकारिता नेताओं को सह-ऑप्ट भी किया जाता है।


