अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के उपलक्ष्य में NCDC रीजनल ट्रेनिंग सेंटर, चेन्नई ने PMMSY योजना के अंतर्गत फिशरीज फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशंस (FFPOs) के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण-सह-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन थंजावुर जिले के मल्लिपट्टीनम में किया।
कार्यक्रम का उद्घाटन नागपट्टिनम के मत्स्य पालन संयुक्त निदेशक टी. इलमवल्जुति ने किया। उन्होंने कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए प्रतिभागियों का स्वागत किया। कुल 116 प्रतिनिधियों एफएफपीओ के प्रबंधकों और सदस्यों ने इस प्रशिक्षण में भाग लिया।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य PMMSY योजना की समझ बढ़ाना, NCDC की भूमिका को स्पष्ट करना तथा प्राथमिक मत्स्य सहकारी समितियों को सुदृढ़ कर सतत और समावेशी विकास को बढ़ावा देना था। प्रतिभागियों को मत्स्य आधारित मूल्य शृंखला गतिविधियों में विविधीकरण करने, आजीविका के नए अवसर सृजित करने और सामाजिक समानता को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया गया।
प्रशिक्षण सत्रों में दस्तावेजीकरण प्रक्रियाएँ, निधि उपयोग, एमआईएस रिपोर्टिंग, व्यवसाय विकास और वैल्यू एडिशन जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल थे। विशेषज्ञ वक्ताओं में एनसीडीसी के रीजनल डायरेक्टर प्रबु पॉलराज, टैफ्कोफेड के जीएम ई. कथवरायण तथा एम.एस. स्वामीनाथन रिसर्च फाउंडेशन के प्रतिनिधि शामिल थे।
कार्यक्रम का समापन प्रबु पॉलराज द्वारा संचालित संवादात्मक वैलेडिक्शन सत्र के साथ हुआ, जिसमें एनसीडीसी क्षेत्रीय कार्यालय, चेन्नई के सचिन शर्मा और अरिहरन ने सहयोग किया।


