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जाता हुआ जेठ, गर्मी की दे गया भेंट, लू के थपेड़ों से झुलस रहे लोग

इस वर्ष नौतपा अपेक्षाकृत शांत रहा, लेकिन जेठ माह के अंतिम दिनों में भीषण गर्मी और लू का कहर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने उत्तर भारत के कई राज्यों में हीटवेव को लेकर रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। आने वाले दिनों में गर्मी और लू से राहत की उम्मीद 13-14 जून के बाद जताई गई है।

Published: 12:33pm, 10 Jun 2025

जो काम इस साल नौतपा भी न कर पाया वह काम जेठ के महीने ने जाते जाते कर दिखाया। जेठ महीने ने खत्म होने से पहले अपनी तपिश से लोगो को झुलसाना शुरु कर दिया है। इस बार गर्मी का प्रकोप नौतपा के खत्म होने के बाद शुरु हुआ है।

देश के कई हिस्सों में एक बार फिर सूरज ने प्रचंड रूप धारण कर लिया है। मौसम विभाग ने चेताया है कि आगामी दिनों में तापमान में भारी वृद्धि हो सकती है, जिससे लू की स्थिति और विकराल हो सकती है।

मौसम विभाग के अनुसार पाकिस्तान के रेगिस्तानी इलाकों से आ रही शुष्क और गर्म पश्चिमी हवाओं के कारण राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और गुजरात में भीषण लू का प्रकोप शुरू हो गया है। इन इलाकों में दिन का तापमान 42 से 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

राजस्थान के लिए मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है, जहां अधिकतम तापमान 45 डिग्री से अधिक रहने की संभावना है। इसके अतिरिक्त पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है।

इस भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद मौसम वैज्ञानिकों ने 13 और 14 जून के बाद जताई है। तब तक लोगों को विशेष सतर्कता बरतने और आवश्यक सावधानियां अपनाने की सलाह दी गई है।

वहीं, बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भी आने वाले दिनों में लू का असर महसूस किया जा सकता है।

गौरतलब है कि इस बार पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी इलाकों में नहीं दिखा, जिससे राहत की कोई बूँद नहीं बरसी। यह पहला मौका है जब पश्चिमी विक्षोभ का उच्च हिमालयी क्षेत्रों में असर नगण्य रहा है।

मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक घर से बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और छांव में रहने का प्रयास करें।

YuvaSahakar Desk

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