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PACS की मजबूती के लिए बढ़ाई जाएगी महिलाओं की भागीदारी, नाबार्ड करेगा सहयोग

पैक्स को सक्रिय और बहु-उद्देश्यीय बनाकर न केवल किसानों और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त किया जाएगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में सहकारी सुविधाओं का विस्तार भी होगा। मंत्रालय का लक्ष्य है कि प्रत्येक ग्रामीण तक सहकारी समितियों की पहुंच सुनिश्चित हो, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें।

Published: 14:56pm, 13 Aug 2025

सहकारिता मंत्रालय ग्रामीण भारत को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी कड़ी में पटना में आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में सहकारिता मंत्रालय के सचिव आशीष कुमार भूटानी ने प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) की गतिविधियों को बढ़ाने और इन समितियों में अधिक से अधिक ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं और किसानों, की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मंत्रालय का स्पष्ट उद्देश्य है कि देश के प्रत्येक ग्रामीण क्षेत्र तक सहकारी सुविधाएं पहुंचें, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले और किसानों को खेती-किसानी से संबंधित सभी आवश्यक सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हों।

बंद पड़े पैक्स को किया जाएगा सक्रिय

सहकारिता मंत्रालय ने देशभर में बंद पड़े पैक्स को पुनर्जनन करने की महत्वाकांक्षी योजना बनाई है। आशीष भूटानी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन समितियों को सक्रिय करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। इसके साथ ही, सहकारी बैंकों को आधुनिक तकनीकी सुविधाओं से लैस करने पर विशेष जोर दिया गया है। पैक्स समितियों को ग्रामीण क्षेत्रों में एक बहु-उद्देश्यीय केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां किसानों को ऋण, बीज, उर्वरक, और अन्य कृषि संबंधी सुविधाएं आसानी से उपलब्ध होंगी। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीणों को किसी भी सुविधा के लिए शहरों की ओर भटकना न पड़े।

महिलाओं का सशक्तिकरण

सहकारिता मंत्रालय ने पैक्स में महिलाओं की भागीदारी को प्राथमिकता दी है। आशीष भूटानी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं और हर वर्ग के किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए पैक्स से जोड़ा जाना आवश्यक है। इसके लिए जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण पैक्स की सदस्यता लें। पैक्स के माध्यम से किसानों को न केवल कृषि संबंधी जानकारी और संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे, बल्कि सहकारिता के जरिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित किए जाएंगे। यह कदम ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

नाबार्ड की तकनीकी सहायता

पैक्स को पुनर्जनन करने और उनकी कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) तकनीकी सहायता प्रदान करेगा। नाबार्ड के चेयरमैन केबी शाजी ने बताया कि पैक्स में गोदाम निर्माण, कम्प्यूटरीकरण, और बहु-उद्देश्यीय सुविधाओं के विकास के लिए विशेष तकनीकी सहायता दी जाएगी। इसके लिए नाबार्ड एक विशेषज्ञ टीम का गठन करेगा, जो पैक्स की कार्यप्रणाली को आधुनिक और प्रभावी बनाने में सहयोग करेगी।

सहकारिता मंत्रालय का लक्ष्य है कि देश के प्रत्येक ग्रामीण क्षेत्र में सहकारी सुविधाएं पहुंचाई जाएं, जिससे किसानों की आय में वृद्धि हो और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।

YuvaSahakar Desk

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