अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के उपलक्ष्य में नाबार्ड के तेलंगाना क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा 29 दिसंबर 2025 को हैदराबाद में तेलंगाना को-ऑपरेटिव कॉन्क्लेव 2025 का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि तेलंगाना सरकार के कृषि, सहकारिता, विपणन, वस्त्र एवं हथकरघा मंत्री तुम्ल्ला नागेश्वर राव रहे।
उन्होंने सहकारिता को ग्रामीण परिवर्तन की धुरी बताते हुए कहा कि यह पहल ग्रामीण विकास को देश की विकास गाथा के केंद्र में रखती है। उन्होंने बताया कि 189 लाख टन चावल उत्पादन के साथ तेलंगाना देश का दूसरा सबसे बड़ा चावल उत्पादक राज्य बन चुका है।
उन्होंने सहकारिता के सिद्धांत “एक सबके लिए, सब एक के लिए” का उल्लेख करते हुए कहा कि सहकारी संस्थाएं पूंजी केंद्रित नहीं बल्कि लोगों पर केंद्रित होती हैं। उन्होंने पिछले एक दशक में तेलंगाना में सहकारी संस्थाओं को मजबूत बनाने के लिए नाबार्ड द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की, विशेष रूप से पैक्स को मल्टी-सर्विस सेंटर में बदलने और सहकारा सारथी प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना की पहल की प्रशंसा की। उन्होंने इस आयोजन ‘सहकारा वरोत्सवलु’ के लिए नाबार्ड को बधाई दी।
इस अवसर पर NAFSCOB के चेयरमैन कोंडूरी रविंदर राव ने किसानों से सफल सहकारी समितियों से सीख लेकर उसे व्यवहार में उतारने का आह्वान किया और अंतर्देशीय मत्स्य पालन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कॉन्क्लेव के दौरान नाबार्ड, तेलंगाना स्टेट कोऑपरेटिव एपेक्स बैंक और 24X7 मनीवर्क्स कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड के बीच त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए गए, जिससे किसानों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से ई-केसीसी के जरिए ऋण सुविधा मिल सकेगी।
कार्यक्रम में तेलंगाना की 11 उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली पैक्स को सम्मानित किया गया। वहीं राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) की ओर से 12 पैक्स एफपीओ के रूप में को 15-15 लाख रुपये की सहायता राशि के चेक प्रदान किए गए। इसके अलावा नाबार्ड द्वारा तेलंगाना के नौ जिलों की विजया डेयरी सहकारी समितियों को माइक्रो एटीएम भी वितरित किए गए।
कृषि मंत्री ने तेलंगाना में सहकारी संस्थाओं के निर्माण में नाबार्ड के पिछले दशक के योगदान पर आधारित एक पुस्तिका का भी विमोचन किया। नाबार्ड मुंबई के सीजीएम एस. मणिकुमार ने सहकारा सारथी प्राइवेट लिमिटेड पर प्रस्तुति देते हुए ग्रामीण सहकारी बैंकों में तकनीक और डिजिटल परिवर्तन की दिशा पर प्रकाश डाला।
कॉन्क्लेव में सहकारिताओं को सशक्त बनाने, डेयरी और मत्स्य सहकारिताओं के भविष्य तथा तकनीक के माध्यम से पैक्स के विस्तार पर तीन पैनल चर्चाएं और एक फायरसाइड चैट भी आयोजित की गई।
इस कार्यक्रम में आरबीआई हैदराबाद के क्षेत्रीय निदेशक चिन्मय कुमार, तेलंगाना स्टेट कोऑपरेटिव एपेक्स बैंक के प्रबंध निदेशक वाई. के. राव सहित डीसीसीबी, एफपीओ, पैक्स और किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का समापन नाबार्ड तेलंगाना क्षेत्रीय कार्यालय के महाप्रबंधक सम्राट मुखर्जी के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।


