देश में डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए केंद्रीय मंत्रीमंडल ने मेडिकल कॉलेजों और पीजी संस्थानों की क्षमता बढ़ाने की Phase-III योजना को मंजूरी दे दी है। इसके तहत देशभर में 5023 MBBS (UG) और 5000 PG सीटें बढ़ाई जाएंगी। सीटो की यह बढ़ोतरी आगामी तीन वर्षों में की जाएगी।
छात्रों को मिलेगा सीधा फायदा
नई सीटों से छात्रों को न सिर्फ ज्यादा अवसर मिलेंगे, बल्कि उन्हें नई स्पेशियलिटी में प्रशिक्षण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा भी हासिल होगी। इससे देश में विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ेगी और ग्रामीण व पिछड़े इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी।
कितना होगा खर्च
योजना पर कुल 15,034.50 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 10,303.20 करोड़ रुपये और राज्यों की हिस्सेदारी 4,731.30 करोड़ रुपये होगी। सूचना व प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रत्येक नई सीट पर करीब 1.50 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
2028-29 तक पूरी होगी योजना
इस योजना का लक्ष्य है कि 2028-29 तक 5000 पीजी और 5023 यूजी सीटें बढ़ाई जाएं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय इसके लिए विस्तृत दिशानिर्देश जारी करेगा।
भारत में मेडिकल शिक्षा की मौजूदा स्थिति
वर्तमान में भारत में 808 मेडिकल कॉलेज और 1,23,700 एमबीबीएस सीटें हैं। पिछले एक दशक में 69,352 एमबीबीएस और 43,041 पीजी सीटों की वृद्धि हुई है। नई फैकल्टी नियमावली 2025 से शिक्षकों की संख्या बढ़ेगी, जिससे छात्रों को और बेहतर शिक्षा मिलेगी।


