देश की दूसरी सबसे बड़ी उर्वरक सहकारी संस्था (Cooperative) कृषक भारती कोऑपरेटिव लिमिटेड (KRIBHCO) के निदेशक मंडल चुनाव परिणामों पर लंबा इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। सहकारी चुनाव प्राधिकरण ने आधिकारिक रूप से परिणामों को मंजूरी दे दी है, जिससे पिछले कई महीनों से जारी सस्पेंस समाप्त हो गया। इस मंजूरी के साथ निदेशक मंडल की सभी 11 सीटें निर्विरोध भर दी गई हैं।
गौरतलब है कि चुनाव जनवरी 2025 में संपन्न हो गए थे, लेकिन दिल्ली विधानसभा चुनाव की तैयारियों के चलते नतीजों की घोषणा टल गई थी। शुक्रवार को प्राधिकरण ने औपचारिक मुहर लगाते हुए नव-निर्वाचित बोर्ड सदस्यों को कार्यभार संभालने की अनुमति दे दी।
निर्विरोध निर्वाचित सदस्य
- एपेक्स मार्केटिंग फेडरेशन से: कर्नाटक से आर. राजेन्द्र, गुजरात से बिपिन पटेल, दिल्ली से बिजेंद्र सिंह और ओडिशा से श्रीमती कविता मंजरि।
- निर्वाचन क्षेत्र-V (5 लाख से कम शेयरधारी सदस्य-संस्थाओं से): आंध्र प्रदेश, गुजरात, केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु और तेलंगाना से भिखाभाई पटेल।
- निर्वाचन क्षेत्र-VI: बिहार, छत्तीसगढ़, दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, पंजाब, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल से डॉ. चंद्रपाल सिंह यादव।
- निर्वाचन क्षेत्र-VII से X (5 लाख से 1 करोड़ तक शेयरधारी संस्थाएं): गुजरात से मगनभाई पटेल, दक्षिण राज्यों (आंध्र प्रदेश, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और तेलंगाना) से वी. सुधाकर चौधरी, पूर्वी एवं मध्य राज्यों (बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल) से भंवर सिंह शेखावत, तथा उत्तरी राज्यों (दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश) से अजय राय।
- निर्वाचन क्षेत्र-XI (1 करोड़ से अधिक शेयरधारी संस्थाएं):शिल्पी अरोड़ा।
इस तरह कृभको का 11 सदस्यीय बोर्ड पूर्ण हो गया है
अगला चरण: अध्यक्ष व उपाध्यक्ष का चुनाव
चुनाव प्राधिकरण ने घोषणा की है कि अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव 16 सितंबर 2025 को होगा। यह फैसला ऐसे समय आया है जब कृभको अगले महीने अपनी वार्षिक आम बैठक (AGM) आयोजित करने की तैयारी कर रहा है। AGM में सहकारी संस्था के प्रदर्शन, भविष्य की रणनीति और उर्वरक क्षेत्र में विस्तार योजनाओं पर चर्चा की जाएगी।
अध्यक्ष पद पर बदलाव तय
दिलचस्प यह है कि इस बार मौजूदा अध्यक्ष डॉ. चंद्रपाल सिंह यादव पद पर बने नहीं रह पाएंगे। मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटीज एक्ट के तहत कोई भी व्यक्ति लगातार दो कार्यकाल तक अध्यक्ष नहीं रह सकता। हालांकि, सूत्रों के अनुसार नया अध्यक्ष डॉ. यादव की पसंद का हो सकता है, जबकि वे स्वयं उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं, जिससे नेतृत्व में निरंतरता और स्थिरता बनी रहेगी।


