केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय के निदेशक कपिल मीणा ने पिछले सप्ताह राजस्थान के कोटा ज़िले की विभिन्न सहकारी संस्थाओं का दौरा किया। उन्होंने संस्थाओं से व्यवसायिक गतिविधियों में विविधता लाने, केंद्र सरकार की योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और उनके लाभ को जमीनी स्तर तक पहुंचाने पर जोर दिया।
दौरे के दौरान, मीणा ने कोटा जिला दुग्ध उत्पादक संघ का निरीक्षण किया और कोटा केंद्रीय सहकारी बैंक मुख्यालय में बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने अधिकारियों को प्रमुख पैक्स (PACS) कम्प्यूटरीकरण परियोजना को तेजी से लागू करने के निर्देश दिए और बैंक परिसर में “एक पेड़ मां के नाम” पहल के तहत पौधारोपण किया।
इसके साथ ही, उन्होंने भाधाना, नायगांव और रंगपुर ग्राम सेवा सहकारी समितियों का दौरा किया और पीएसीएस कम्प्यूटरीकरण, प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र योजनाओं एवं व्यवसाय विविधीकरण की प्रगति को तेज करने के निर्देश दिए।
विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना के तहत, मीणा ने मोरपा, ढाकड़खेड़ी और बोरखेड़ा ग्राम सेवा सहकारी समितियों द्वारा निर्मित 500 मीट्रिक टन क्षमता के गोदामों का निरीक्षण किया। उन्होंने उनकी किफायती लागत और गुणवत्ता की सराहना करते हुए इन्हें लीज पर देने और अनाज भंडारण गतिविधियां शुरू करने की सलाह दी, ताकि आय में वृद्धि हो और किसानों को केंद्र व राज्य की योजनाओं का लाभ मिल सके।
इसके अतिरिक्त, मीणा ने बोरखेड़ा समिति के मिनी बैंक के संचालन की समीक्षा की और सुधार संबंधी सुझाव दिए। इस दौरान वरिष्ठ सहकारी अधिकारी, बैंक अधिकारी और समिति अध्यक्ष भी उनके साथ मौजूद रहे।


