जम्मू और कश्मीर दुग्ध उत्पादक सहकारी लिमिटेड (जेकेएमपीसीएल) ने केंद्र शासित प्रदेश में डेयरी क्षेत्र के विकास की नई इबारत लिखी है। एक दशकीय अवधि से भी कम समय में बीमार सार्वजनिक क्षेत्र की इकाई मानी जाने वाली यह संस्था अब लाभ कमाने वाली और बोनस बांटने वाली सहकारी इकाई बन गई है।
संगठन के अध्यक्ष अशोक अंगुराना द्वारा केंद्रीय सरकार पेंशनर्स कल्याण संघ (CGPWA) जम्मू के सदस्यों को दी गई जानकारी के अनुसार, आज JKMPCL न केवल लाभ में है, बल्कि किसानों को बोनस प्रदान करने में भी सक्षम है। वर्ष 2024-25 में इसका सालाना कारोबार बढ़कर 407 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।
1,654 ग्राम डेयरी सहकारी समितियों का विस्तृत नेटवर्क
आज JKMPCL के साथ 75,000 से अधिक डेयरी किसान जुड़े हैं, जिनमें 18,000 महिला किसान भी शामिल हैं। संगठन प्रतिदिन लगभग 2 लाख लीटर दूध का प्रबंधन करता है और 1,654 ग्राम डेयरी सहकारी समितियों के नेटवर्क के माध्यम से दुग्ध संग्रह, गुणवत्ता नियंत्रण और आपूर्ति श्रृंखला को संचालित करता है। पिछले वर्ष बिक्री आय में 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो संगठन के आधुनिकीकरण, गुणवत्ता आश्वासन और उपभोक्ता संतुष्टि पर केंद्रित कार्य प्रणाली का परिणाम है।
बीमार इकाई से लाभदायक संस्था बनने की यात्रा
अंगुराना ने बताया कि JKMPCL की सफलता की आधारशिला स्वर्गीय डॉ. वर्गीज़ कुरियन के मार्गदर्शन में 2004 में गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन संघ (GCMMF) के साथ की गई विशेष व्यवस्था से रखी गई थी। इस सहयोग के तहत JKMPCL को तकनीकी सहायता, गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली, विपणन विशेषज्ञता और रणनीतिक मार्गदर्शन मिला। इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि 2018-19 में जहां संगठन के साथ केवल 15,340 दूध उत्पादक जुड़े थे, वहीं आज इनकी संख्या बढ़कर 75,000 हो चुकी है। उसी अवधि में संगठन का कारोबार 47 करोड़ रुपये से बढ़कर 407 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। वर्ष 2024-25 में JKMPCL ने 675 लाख किलोग्राम दूध की खरीद की है।
संगठित दुग्ध क्षेत्र के विस्तार पर फोकस
वर्तमान में संगठन 6 प्रमुख उत्पाद दूध, छाछ, घी, पनीर, खीर और आइसक्रीम का उत्पादन कर रहा है। इसके अलावा, कलरी बनाने का ट्रायल रन जारी है। एक आधुनिक टेट्रा पैक प्लांट भी चालू किया गया है। अंगुराना ने बताया कि प्रयासों के बावजूद प्रदेश में अभी भी 68 प्रतिशत कच्चा दूध असंगठित क्षेत्र से आता है। सरकार का लक्ष्य है कि भविष्य में 100 प्रतिशत दूध संगठित क्षेत्र से ही आए, जिससे गुणवत्तापूर्ण उत्पादों की आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
CGPWA का संयंत्र दौरा
दिन के दौरान CGPWA जम्मू के 40 सदस्यों ने सतवारी स्थित JKMPCL के दुग्ध संयंत्र का निरीक्षण किया। अध्यक्ष कुलदीप खुड्डा के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल को संगठन के CEO चिराग ने उत्पादन इकाई, गुणवत्ता नियंत्रण और किसानों से जुड़ी प्रक्रियाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर संगठन पर आधारित एक प्रोफेशनल डॉक्यूमेंट्री भी प्रदर्शित की गई।


