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सुधाकर देसाई पुनः IVPA अध्यक्ष नियुक्त, खाद्य तेल क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का किया आह्वान

IVPA का कहना है कि खाद्य तेल क्षेत्र में स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देकर न केवल आयात बिल कम किया जा सकता है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बनाया जा सकता है। IVPA ने अवसरों का लाभ उठाने तथा उद्योग की दक्षता बढ़ाने पर जोर दिया, ताकि किसानों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) सुनिश्चित हो, खाद्य तेल से प्रेरित महंगाई नियंत्रित रहे तथा समग्र खाद्य मूल्यों की स्थिरता बनी रहे।

Published: 10:04am, 08 Oct 2025

भारतीय वनस्पति तेल उत्पादक संघ (Indian Vegetable Oil Producers’ Association – IVPA) ने खाद्य तेल क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को गति देने का आह्वान किया है। संघ ने कहा है कि भारत को अब वनस्पति तेलों के उत्पादन में आत्मनिर्भरता की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे, ताकि वैश्विक अस्थिरता और आयात निर्भरता से देश की खाद्य सुरक्षा पर प्रभाव न पड़े।

नई दिल्ली में आयोजित IVPA की 48वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) के दौरान संगठन ने कहा कि वर्तमान समय में भारत का वनस्पति तेल उद्योग एक महत्वपूर्ण संक्रमणकालीन दौर से गुजर रहा है। पाम और सोया तेलों की वैश्विक कीमतों में अस्थिरता, विकसित हो रहे मुक्त व्यापार समझौते (FTA) और घरेलू नीतिगत चुनौतियां इस क्षेत्र को प्रभावित कर रही हैं।

IVPA के अनुसार, इन परिस्थितियों ने जहां एक ओर रणनीतिक सोर्सिंग और परिचालन दक्षता के अवसर खोले हैं, वहीं दूसरी ओर यह किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) सुनिश्चित करने, खाद्य तेल से प्रेरित महंगाई को नियंत्रित करने और खाद्य कीमतों की स्थिरता बनाए रखने के बीच संतुलन की आवश्यकता को भी उजागर करती हैं।

सुधाकर देसाई पुनः बने IVPA अध्यक्ष

इस अवसर पर संघ ने 2025-26 के कार्यकाल के लिए सुधाकर देसाई को पुनः अध्यक्ष नियुक्त किया। पुनर्नियुक्ति के बाद देसाई ने कहा कि आयात स्तरों में स्थिरता और गिरावट के संकेतों के बीच, अब खाद्य तेलों में आत्मनिर्भरता की दिशा में ठोस कदम बढ़ाने की तात्कालिक आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भारत को खाद्य तेल क्षेत्र में वही सफलता हासिल करनी होगी जो उसने दालों, गेहूं और चावल जैसे अन्य कृषि उत्पादों में हासिल की है।

नव नियुक्त उपाध्यक्षों की टीम

देसाई के साथ उद्योग जगत के वरिष्ठ प्रतिनिधियों को भी उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया। इनमें विजय कुमार जैन (पतंजलि फूड्स लिमिटेड), अमरेन्द्र मिश्रा (ADM), भावना शाह (NK प्रोटीन्स लिमिटेड) और धृतिमान विश्वास (कारगिल इंडिया) शामिल हैं। ये सभी मिलकर IVPA की रणनीतिक दिशा और वैश्विक प्रभाव को और मजबूत करेंगे।

देसाई ने कहा कि नई टीम की नियुक्ति, IVPA के मूल उद्देश्यों की निरंतरता और उद्योग को सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उनका कहना था कि एक सशक्त टीम के साथ IVPA अब नवाचार, सतत विकास और वैश्विक साझेदारी को बढ़ावा देने की दिशा में और मजबूती से काम करेगा।

IVPA ने यह भी कहा कि खाद्य तेल क्षेत्र में आत्मनिर्भरता से न केवल आयात पर निर्भरता कम होगी बल्कि किसानों की आमदनी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सुदृढ़ता मिलेगी। संगठन ने सरकार से इस दिशा में नीतिगत सहयोग, अनुसंधान निवेश और तकनीकी नवाचार के लिए समर्थन मांगा है।

सुधाकर देसाई ने कहा कि भारत को वैश्विक बाजारों में प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए कृषि प्रसंस्करण और स्थानीय उत्पादन क्षमता में वृद्धि करनी होगी। उन्होंने यह भी कहा कि IVPA आगे भी सरकार और निजी क्षेत्र के साथ मिलकर “सस्टेनेबल ऑयल मिशन” को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

YuvaSahakar Desk

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