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सितंबर 2025 में बेरोजगारी दर में बढ़ोत्तरी, MoSPI ने जारी किए आंकड़े

सितंबर 2025 में UR में वृद्धि का मुख्य कारण ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी दर का अगस्त के 4.3 प्रतिशत से बढ़कर 4.6 प्रतिशत होना तथा शहरी क्षेत्रों में इसका अगस्त के 6.7 प्रतिशत से 6.8 प्रतिशत तक पहुंचना रहा।

Published: 14:34pm, 17 Oct 2025

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने बुधवार को आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (Periodic Labour Force Survey – PLFS) के नवीनतम आंकड़े जारी किए। रिपोर्ट में कहा गया है कि 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों की बेरोजगारी दर (Unemployment Rate) सितंबर 2025 में 5.2 प्रतिशत तक पहुँच गई है, जो अगस्त 2025 में 5.1 प्रतिशत थी।

PLFS के आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2025 में बेरोजगारी दर 5.2 प्रतिशत, अगस्त में 5.1 प्रतिशत और मई-जून में 5.6 प्रतिशत दर्ज की गई थी। मई 2025 में जारी पहले बुलेटिन के अनुसार, अप्रैल में बेरोजगारी दर 5.1 प्रतिशत थी। सरकारी बयान में स्पष्ट किया गया कि पिछले दो महीनों में गिरावट के बाद सितंबर 2025 में बेरोजगारी दर में मामूली वृद्धि हुई है।

रिपोर्ट में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच बेरोजगारी के अंतर को भी उजागर किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी दर अगस्त 2025 में 4.3 प्रतिशत थी, जो सितंबर में बढ़कर 4.6 प्रतिशत हो गई। वहीं शहरी क्षेत्रों में बेरोजगारी दर 6.7 प्रतिशत से बढ़कर 6.8 प्रतिशत तक पहुंच गई।

महिला बेरोजगारी पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। शहरी महिलाओं में बेरोजगारी दर अगस्त 2025 में 8.9 प्रतिशत से बढ़कर सितंबर में 9.3 प्रतिशत हो गई। इसी तरह, ग्रामीण महिलाओं की बेरोजगारी दर में वृद्धि ने समग्र महिला बेरोजगारी दर को अगस्त 2025 में 5.2 प्रतिशत से बढ़ाकर सितंबर में 5.5 प्रतिशत तक पहुँचाया।

रिपोर्ट में श्रम बल भागीदारी दर (Labour Force Participation Rate – LFPR) में सुधार का संकेत भी दिया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में LFPR जून में 56.1 प्रतिशत से बढ़कर सितंबर में 57.4 प्रतिशत हो गई है। महिलाओं की LFPR लगातार तीसरे महीने बढ़ी है और जून में 30.2 प्रतिशत से बढ़कर सितंबर में 32.3 प्रतिशत हो गई। शहरी क्षेत्रों में LFPR 50.9 प्रतिशत पर स्थिर रही।

सरकारी बयान में यह भी कहा गया कि बेरोजगारी दर में मामूली वृद्धि का मुख्य कारण रोजगार की असमान उपलब्धता और महिलाओं की श्रम भागीदारी में बदलाव है। PLFS के आंकड़े यह दर्शाते हैं कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रोजगार की स्थिति में विविधता है, और महिला श्रमिकों की भागीदारी में लगातार सुधार हो रहा है।

MoSPI ने स्पष्ट किया कि यह सर्वेक्षण रोजगार, बेरोजगारी और श्रम बल भागीदारी की सटीक जानकारी प्रदान करता है, जो नीति निर्धारण और रोजगार सृजन की रणनीतियों के लिए महत्वपूर्ण है। मंत्रालय ने यह भी उल्लेख किया कि आने वाले महीनों में रोजगार सृजन, ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी, और LFPR में बदलाव पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

YuvaSahakar Desk

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