Trending News

 LPG पर बोले PM नरेंद्र मोदी- देश में पैनिक फैलाने की कोशिश कर रहे कुछ लोग, देशवासियों को किया आश्वस्त, कहा- अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठा रही है सरकार, कालाबाजारी करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई          आज प्रधानमंत्री जारी करेंगे पीएम-किसान की 22वीं किस्त, 9.32 करोड़ किसानों को मिलेंगे 18,640 करोड़ रुपये         किसानों को सहकारी बैंक से 7 दिन में फसल ऋण, e-KCC से सिर्फ 2 दिन में लोन की सुविधा, समय पर लोन चुकाने पर 3% ब्याज की छूट, राज्यसभा में अमित शाह ने दी जानकारी         भारत बनेगा बन रहा दुनिया का फूड बास्केट, 9 FTA से भारत के लिए 38 देशों के बाजार खुले, AAHAR के 40वें संस्करण को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने दी जानकारी         जल जीवन मिशन 2.0 को केंद्र सरकार ने दी मंजूरी, दिसंबर 2028 तक हर ग्रामीण घर में होगा नल से जल, 8.69 लाख करोड़ रुपये का बजट तय किया गया         मार्च में मौसम में लगातार बदलाव, गुजरात-राजस्थान में हीटवेव और लू का ऑरेंज अलर्ट, महाराष्ट्र में हीटवेव का यलो अलर्ट, 13 राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट       

QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में भारत की ऐतिहासिक छलांग, 54 संस्थान शामिल, IIT दिल्ली सबसे आगे

QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में भारत ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। 54 भारतीय संस्थानों की भागीदारी के साथ भारत न केवल G20 देशों में सबसे तेज़ी से प्रगति कर रहा है, बल्कि वैश्विक स्तर पर चौथा सबसे अधिक प्रतिनिधित्व वाला देश भी बन गया है। यह सफलता NEP 2020 के अंतर्गत किए गए सुधारों और उच्च गुणवत्ता व अनुसंधान पर केंद्रित नीतियों की बदौलत संभव हुई है।

Published: 12:55pm, 19 Jun 2025

  • NEP 2020 ने बदली देश की शिक्षा की तस्वीर, भारत बना दुनिया का तेजी से बढ़ता एजुकेशन सिस्टम: धर्मेंद्र प्रधान

भारत के उच्च शिक्षण संस्थानों (HEIs) ने QS विश्व विश्वविद्यालय रैंकिंग 2026 में अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है, जिसमें 54 भारतीय विश्वविद्यालयों ने वैश्विक मंच पर अपनी जगह बनाई है। इस वर्ष आठ नए संस्थानों के प्रवेश के साथ, भारत विश्व में चौथा सबसे अधिक प्रतिनिधित्व वाला देश बन गया है, जो केवल अमेरिका, ब्रिटेन और चीन से पीछे है। पिछले एक दशक में भारत ने 390% की आश्चर्यजनक वृद्धि दर्ज की, जिसने इसे G20 देशों में सबसे तेजी से बढ़ता शिक्षा तंत्र बनाया है।

इस वर्ष, 48% भारतीय विश्वविद्यालयों ने अपनी रैंकिंग में सुधार किया है। पांच भारतीय संस्थानों ने नियोक्ता प्रतिष्ठा (Employer Reputation) में वैश्विक शीर्ष 100 में स्थान प्राप्त किया है, जबकि अनुसंधान उत्कृष्टता में आठ संस्थानों ने प्रति संकाय उद्धरण (Citations per Faculty) में शीर्ष 100 में जगह बनाई। भारतीय संस्थानों का औसत स्कोर (43.7) जर्मनी, ब्रिटेन और अमेरिका से भी आगे है।

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली ने 123वें वैश्विक स्थान के साथ भारतीय विश्वविद्यालयों का नेतृत्व किया, जो 2024 में 197वें स्थान से 70 से अधिक स्थानों की उल्लेखनीय छलांग है। यह प्रगति राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और सरकार की सुधारों का परिणाम है, जिन्होंने गुणवत्ता, अनुसंधान, नवाचार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा दिया है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा, “54 उच्च शिक्षण संस्थानों के साथ भारत ने QS विश्व रैंकिंग 2026 में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। 2014 में केवल 11 विश्वविद्यालयों से लेकर अब 54 तक की यह पांच गुना वृद्धि, पिछले एक दशक में प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में लागू की गई परिवर्तनकारी शैक्षिक सुधारों का प्रमाण है। NEP 2020 न केवल हमारे शैक्षिक परिदृश्य को बदल रहा है, बल्कि इसे क्रांतिकारी रूप दे रहा है। यह गर्व की बात है कि भारत G20 देशों में सबसे तेजी से बढ़ता शिक्षा तंत्र है और केवल अमेरिका, ब्रिटेन और चीन के बाद चौथा सबसे अधिक प्रतिनिधित्व वाला देश है।”

Dharmendra Pradhan to continue as education minister, Education News, ET  Education

धर्मेंद्र प्रधान ने आगे कहा, “NEP 2020 के अनुसंधान, नवाचार और अंतरराष्ट्रीयकरण पर जोर के साथ, मुझे विश्वास है कि आने वाले समय में और अधिक भारतीय संस्थान वैश्विक उत्कृष्टता के शिखर पर पहुंचेंगे।” यह उपलब्धि भारत के शिक्षा तंत्र में बढ़ते वैश्विक विश्वास और ‘विकसित भारत’ के विजन को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

YuvaSahakar Desk

Recent Post