देश में कोरोना संक्रमण के मामलों में एक बार फिर वृद्धि देखी जा रही है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, देश में कोविड-19 के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 1047 हो गई है। इनमें 430 एक्टिव केस केरल में, 208 महाराष्ट्र, 104 दिल्ली, 83 गुजरात और 80 कर्नाटक में दर्ज किए गए हैं। कर्नाटक के 80 मामलों में से 73 सिर्फ बेंगलुरु से हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह भी जानकारी दी है कि महाराष्ट्र, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक और मध्य प्रदेश में अब तक 11 मरीजों की मौत हो चुकी है। इनमें से 9 मौतें बीते एक सप्ताह के भीतर हुई हैं। सबसे अधिक 5 मौतें महाराष्ट्र में हुई हैं। सोमवार को ठाणे में एक महिला की कोविड से मृत्यु हो गई।
चार नए कोविड वैरिएंट की पहचान
भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के डायरेक्टर डॉ. राजीव बहल ने बताया है कि दक्षिण और पश्चिम भारत में कोविड वायरस के चार नए वैरिएंट सामने आए हैं। इनमें LF.7, XFG, JN.1 और NB.1.8.1 शामिल हैं। देश के अन्य हिस्सों से भी नमूनों की जीनोमिक सीक्वेंसिंग की जा रही है, ताकि इन वैरिएंट की विस्तृत जानकारी मिल सके।
डॉ. बहल के अनुसार, इन वैरिएंट्स के कारण अभी तक कोई गंभीर स्थिति सामने नहीं आई है। लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन सतर्कता बरतना अनिवार्य है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी इन वैरिएंट्स को “वैरिएंट अंडर मॉनिटरिंग” की श्रेणी में रखा है, न कि चिंताजनक के रूप में।
JN.1 वैरिएंट सबसे आम, तेजी से फैलने की क्षमता
भारत में फिलहाल JN.1 वैरिएंट सबसे अधिक पाया गया है। आधे से अधिक सैंपल में यही वैरिएंट देखा गया है। इसके बाद BA.2 (26%) और ओमिक्रॉन की अन्य सबलाइनेज (20%) सामने आई हैं। JN.1, ओमिक्रॉन के BA.2.86 का एक स्ट्रेन है, जिसे पहली बार अगस्त 2023 में देखा गया था। दिसंबर 2023 में WHO ने इसे ‘वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट’ घोषित किया था। इसमें 30 के करीब म्यूटेशंस हैं, जो इम्यून सिस्टम को कमजोर करते हैं।
अमेरिका की जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के अनुसार, JN.1 वैरिएंट अन्य वैरिएंट्स की तुलना में तेजी से फैलता है, लेकिन यह गंभीर बीमारी का कारण नहीं बनता। यह वैरिएंट विश्व के कई हिस्सों में प्रमुखता से देखा जा रहा है। चीन सहित एशिया के अन्य देशों में भी कोविड-19 के बढ़ते मामलों में यही वैरिएंट पाया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि मामलों में वृद्धि के बावजूद स्थिति बहुत गंभीर नहीं है। डॉ. बहल ने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने और मास्क पहनने, सामाजिक दूरी बनाए रखने और नियमित हाथ धोने जैसे उपाय अपनाने की सलाह दी है।
JN.1 वैरिएंट के लक्षण
JN.1 वैरिएंट के लक्षण कुछ दिनों से लेकर कई हफ्तों तक रह सकते हैं। कुछ मामलों में, ठीक होने के बाद भी लक्षण बने रह सकते हैं, जिसे ‘लॉन्ग कोविड’ कहा जाता है। यह स्थिति उन मरीजों में देखी जाती है, जिनमें कोविड-19 के लक्षण लंबे समय तक बने रहते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि यदि लक्षण लंबे समय तक बने रहें, तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।
सरकार और स्वास्थ्य मंत्रालय की सलाह
स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों को नमूनों की जीनोम सीक्वेंसिंग बढ़ाने और नए वैरिएंट्स पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, जनता से कोविड-19 प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने की अपील की गई है। मंत्रालय ने जोर दिया कि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन सावधानी बरतना आवश्यक है। देश के नागरिकों से अपील की गई है कि वे कोविड-उपयुक्त व्यवहार अपनाएं, भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क पहनें, हाथ धोने की आदत बनाए रखें और स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशानिर्देशों का पालन करें।


