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भारत ने बनाई पूर्ण स्वदेशी 32 बिट माइक्रोप्रोसेसर चिप “विक्रम 3201”

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “पहले ‘मेड इन इंडिया’ चिप्स। यह किसी भी देश के लिए गर्व का क्षण है। आज भारत ने यह उपलब्धि हासिल कर ली है।”

Published: 12:28pm, 03 Sep 2025

भारत ने सेमीकंडक्टर तकनीक के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। देश को अपनी पहली पूर्ण स्वदेशी 32-बिट माइक्रोप्रोसेसर “विक्रम 3201” और पहली ‘मेड इन इंडिया’ टेस्ट चिप मिल गई है। मंगलवार को सेमीकॉन इंडिया 2025 के दौरान केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस चिप को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपा।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “पहले ‘मेड इन इंडिया’ चिप्स। यह किसी भी देश के लिए गर्व का क्षण है। आज भारत ने यह उपलब्धि हासिल कर ली है।” उन्होंने आगे कहा कि यह महत्वपूर्ण उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच, दृढ़ इच्छाशक्ति और निर्णायक कार्रवाई से संभव हुई है।

क्यो खास है ‘विक्रम 3201’?

‘विक्रम 3201’ पूरी तरह भारत में बनी पहली स्वदेशी 32-बिट माइक्रोप्रोसेसर चिप है। इसे इसरो की सेमीकंडक्टर लैब (SCL) ने विकसित किया है। यह पहले बने स्वदेशी 16-बिट VIKRAM1601 का एडवांस वर्जन है, जिसका इस्तेमाल 2009 से इसरो के लॉन्च व्हीकल्स में हो रहा है। खासतौर पर इसे स्पेस लॉन्च व्हीकल्स और रक्षा उपकरणों के लिए डिजाइन किया गया है। यह चिप अत्यधिक गर्मी, ठंड, कंपन और दबाव जैसी चरम परिस्थितियों में भी काम कर सकती है। प्रोसेसर एक बार में 32 बिट डेटा प्रोसेस कर सकता है, जिससे यह जटिल गणनाओं, डेटा प्रोसेसिंग और कंट्रोल सिस्टम्स को आसानी से संभाल पाता है।

प्रोसेसर के सभी टूल्स भी स्वदेशी

इस प्रोसेसर को तैयार करने के लिए जरूरी सभी सॉफ्टवेयर टूल्स (Ada कंपाइलर, असेंबलर, लिंकर्स, सिम्युलेटर और IDE) भी देश में ही विकसित किए गए हैं। किसी बाहरी कंपनी या विदेशी टेक्नोलॉजी पर निर्भरता नहीं रही।

भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा

मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि कुछ ही वर्षों पहले प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत सेमीकंडक्टर मिशन शुरू हुआ था और अब दुनिया भारत पर विश्वास के साथ देख रही है। फिलहाल देश में पांच सेमीकंडक्टर यूनिट्स का निर्माण तेज़ी से चल रहा है। सरकार ने अब तक 10 बड़ी परियोजनाओं, 280 से ज्यादा शैक्षणिक संस्थानों और 72 स्टार्टअप्स को उन्नत उपकरणों के साथ समर्थन दिया है। डिजाइन लिंक्ड इंसेंटिव (DLI) योजना के तहत 23 स्टार्टअप्स को मंजूरी भी दी गई है।

सेमीकॉन इंडिया 2025

इस उपलब्धि की घोषणा सेमीकॉन इंडिया 2025 में हुई, जो सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री का वार्षिक सम्मेलन है। इस बार कार्यक्रम में 20,750 से अधिक प्रतिभागी, 48 देशों के 2500 से ज्यादा प्रतिनिधि और 350 कंपनियां शामिल हुईं। 150 से अधिक विशेषज्ञ वक्ताओं ने AI, 5G, ईवी और डिजिटल इकॉनमी जैसे विषयों पर विचार साझा किए। इससे पहले यह सम्मेलन 2022 में बेंगलुरु, 2023 में गांधीनगर और 2024 में ग्रेटर नोएडा में आयोजित हुआ था।

 

Diksha

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