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इफको के मार्केटिंग डायरेक्टर योगेन्द्र कुमार को यूएएस, बैंगलोर ने डॉक्टरेट की मानद उपाधि से किया सम्मानित

इफको के विपणन निदेशक योगेंद्र कुमार को कृषि विज्ञान विश्वविद्यालय, बैंगलोर द्वारा मानद डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया गया। यह सम्मान भारतीय कृषि में उनके चार दशकों से अधिक के योगदान और नवाचारों के लिए प्रदान किया गया है। उनके नेतृत्व में इफको ने नैनो उर्वरकों और डिजिटल पहलों के माध्यम से किसानों के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव लाया है।

Published: 14:24pm, 23 May 2025

कृषि विज्ञान विश्वविद्यालय, बैंगलोर ने  अपने 59वें दीक्षांत समारोह में इफको के विपणन निदेशक योगेंद्र कुमार को डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया है। कर्नाटक सरकार के कृषि मंत्री एन. चालुवरायस्वामी की गरिमामयी उपस्थिति में कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने उन्हें आनरेरी डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान की। यह प्रतिष्ठित सम्मान योगेंद्र कुमार के चार दशकों से अधिक समय से भारतीय कृषि में अटूट समर्पण के साथ उनके अनुकरणीय योगदान का पुरस्कार है।

इफको के लिए गौरव के महान पलों के साक्षी के रूप में इफको के प्रबंध निदेशक डॉ. उदयशंकर अवस्थी, जो कि समारोह के मुख्य अतिथि भी थे, ने दीक्षांत समारोह में कहा कि अपने पूरे करियर के दौरान श्री योगेन्द्र कुमार ने ऐतिहासिक नवाचारों और सामाजिक हस्तक्षेपों का नेतृत्व किया है, जिन्होंने देश भर के लाखों किसानों के जीवन को बदल दिया है। उनके दूरदर्शी नेतृत्व में इफको  नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के विकास और प्रचार ने टिकाऊ, कुशल और किसान-हितैषी कृषि के एक नए युग की शुरुआत की है।

इफको के ये सफल उत्पाद न केवल फसलों के इनपुट लागत को कम करते हैं और फसल उत्पादकता को बढ़ाते हैं, बल्कि पर्यावरणीय स्थिरता का भी समर्थन करते हैं। उनके प्रयासों ने इन नवाचारों को देश के सबसे दूरदराज के कोनों तक भी पहुँचाया है, जिससे मृदा स्वास्थ्य में सुधार, पारंपरिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिली है।

यूएस अवस्थी ने कहा कि योगेंद्र कुमार ने इफको ई-बाजार के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जो किसानों को सीधे कृषि-इनपुट और सेवाओं से जोड़ता है। उन्होंने बड़े पैमाने पर कोविड-19 राहत प्रयासों का नेतृत्व किया और पांच लाख से अधिक पौधों का वितरण करने तथा ग्रामीण छात्रों को लैपटॉप व शैक्षिक किट जैसे डिजिटल उपकरण प्रदान करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आदर्श गाँवों की स्थापना, हजारों किसानों को प्रशिक्षण देने और वैज्ञानिक प्रथाओं को बढ़ावा देने की उनकी पहल ने आधुनिक, लचीली कृषि तकनीकों की ओर एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है।

अवस्थी ने कहा कि नैनो उर्वरकों को भारत के बाहर 25 से अधिक देशों सहित वैश्विक बाजारों में ले जाने में श्री कुमार के  योगदान ने इफको को दुनिया भर में कृषि-नवाचार में अग्रणी के रूप में स्थापित किया है। सीएसआईआर, आईसीएआर और नाबार्ड जैसे अग्रणी संस्थानों के साथ उनकी साझेदारी ने कृषि क्षेत्र में अनुसंधान और ज्ञान साझा करने को और आगे बढ़ाया है।

डॉ. अवस्थी ने कहा कि यह मानद डॉक्टरेट योगेंद्र कुमार के दूरदर्शी नेतृत्व, जमीनी स्तर पर प्रभाव और किसान कल्याण के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता की एक उपयुक्त मान्यता है। उनका काम कृषि समुदाय और इफको परिवार को समान रूप से प्रेरित करता है। इफको में डॉ. योगेंद्र कुमार को इन उल्लेखनीय उपलब्धियों की प्रशंसा करते हुए अवस्थी ने कहा कि उनकी यात्रा हमें ग्रामीण भारत को बदलने में उद्देश्यपूर्ण नेतृत्व की शक्ति की याद दिलाती है। यह गौरवपूर्ण क्षण हम सभी को देश के किसानों की समृद्धि और भारतीय कृषि के भविष्य के लिए काम करना जारी रखने के लिए प्रेरित करता है।

YuvaSahakar Desk

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