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IFFCO ने लॉन्च किया नया जैविक उत्पाद ‘धराअमृत’, फसल गुणवत्ता और टिकाऊ खेती के लिए लाभकारी

धरअमृत का उपयोग एक एकड़ में 500 मिलीलीटर फोलियर स्प्रे के रूप में, ड्रिप फर्टिगेशन में 1 लीटर पानी में 10 मिलीलीटर मिलाकर, और ड्रोन छिड़काव के लिए 500 मिलीलीटर को 9.5 लीटर पानी में मिलाकर किया जा सकता है। यह उत्पाद नैनो यूरिया प्लस, नैनो डीएपी, नैनो जिंक, नैनो कॉपर, कीटनाशक और फंगीसाइड्स के साथ पूरी तरह से संगत है, जिससे फसलों की सुरक्षा और पोषण दोनों बेहतर होता है।

Published: 12:25pm, 07 Oct 2025

किसान (Farmers) कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए, भारतीय किसान उर्वरक सहकारी लिमिटेड (IFFCO) ने नवीनतम जैव उत्‍तेजक (बायो-स्टिमुलेंट) ‘धारअमृत’ लॉन्च किया है। यह उत्पाद केंद्र सरकार की आत्मनिर्भर भारत (Atmanirbhar Bharat )एवं हरित कृषि अभियान के अनुरूप विकसित किया गया है, जो फसलों की पैदावार में वृद्धि, पौधों के स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने तथा पर्यावरण अनुकूल कृषि प्रक्रियाओं को प्रोत्साहित करने के लिए डिजाइन किया गया है।

इफको द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, “धारअमृत” एक वैज्ञानिक रूप से तैयार किया गया बायो-स्टिमुलेंट है, जिसमें एमिनो एसिड, एल्गिनिक एसिड, कार्बन और आवश्यक सूक्ष्म खनिज शामिल हैं। इसे उन्नत कॉलॉइडल प्रोसेसिंग तकनीक के माध्यम से विकसित किया गया है। यह उत्पाद पौधों के चयापचय (Metabolism) को नियंत्रित करता है, कोशिकाओं की संरचना को मजबूत बनाता है और पौधों की पोषक तत्वों को अवशोषित करने की क्षमता को बढ़ाता है।

“धरअमृत” के उपयोग से पौधों में प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया में सुधार होता है, जिससे पौधे अपना भोजन बेहतर तरीके से बना पाते हैं। यह पौधों के संपूर्ण स्वास्थ्य को मजबूत करता है, जिससे वे बीमारियों और मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों का बेहतर सामना कर सकें। इसके साथ ही, यह पत्तियों पर छिड़के जाने वाले पोषक तत्वों के साथ पूरी तरह अनुकूल है और सभी प्रकार की फसलों पर समान रूप से प्रभावी है।

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि “धरअमृत” जैसे उत्पाद आधुनिक किसानों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आए हैं। यह मिट्टी की गिरती गुणवत्ता, जलवायु परिवर्तन और स्थायी उत्पादकता जैसी चुनौतियों से निपटने में किसानों को सक्षम बनाएगा। इसके प्रयोग से फसल की पैदावार और गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा, जिससे किसानों की आय में वृद्धि होगी और कृषि व्यवसाय अधिक लाभदायक तथा टिकाऊ बनेगा।

उपयोग की मात्रा और विधि:

IFFCO के अनुसार, “धरअमृत” का उपयोग कई तरीकों से किया जा सकता है। फ़ोलियर स्प्रे के रूप में इसका एक एकड़ में 500 मिलीलीटर छिड़काव करना चाहिए। ड्रिप फर्टिगेशन के लिए इसे 1 लीटर पानी में 10 मिलीलीटर मिलाकर प्रयोग किया जा सकता है। वहीं, ड्रोन के माध्यम से छिड़काव करते समय 500 मिलीलीटर “धरअमृत” को 9.5 लीटर पानी में मिलाकर उपयोग किया जाना चाहिए।

यह उत्पाद नैनो यूरिया प्लस, नैनो डीएपी, नैनो जिंक, नैनो कॉपर, फोलियर न्यूट्रिएंट्स, कीटनाशक और फफूंदनाशक के साथ पूरी तरह संगत (Compatible) है। इसका अर्थ है कि किसान इसे अन्य उर्वरकों या पोषक तत्वों के साथ सुरक्षित रूप से प्रयोग कर सकते हैं।

लॉन्च समारोह के दौरान कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं, जिनमें IFFCO के अध्यक्ष दिलीप सांघानी, प्रबंध निदेशक के. जे. पटेल, IFFCO नैनोवेंशन्स के एमडी डॉ. ए. लक्ष्मणन, निदेशक भावेश राडड़िया, IFFCO कालोल यूनिट हेड संदीप घोष, मार्केटिंग डायरेक्टर योगेंद्र कुमार और विभिन्न राज्य स्तरीय अधिकारी शामिल थे। सांसद पुरुशोत्तम रूपाला ने भी इस अवसर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान प्रतिनिधि और सहकारी संस्थाओं के अधिकारी भी उपस्थित थे।

YuvaSahakar Desk

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