कोलंबो स्थित सिनेमन लेकसाइड होटल में 17वीं ICA-एशिया एवं प्रशांत (ICA-AP) रीजनल असेंबली के दौरान “दाता समुदाय में बदलता परिदृश्य: अंतरराष्ट्रीय सहयोग विकास के लिए इसका महत्व” विषय पर एक उच्च-स्तरीय राउंडटेबल चर्चा आयोजित की गई।
इस चर्चा में एशिया-प्रशांत क्षेत्र की प्रमुख कोऑपरेटिव डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन्स (CDOs) ने APCDP फ्रेमवर्क के तहत भाग लिया। विचार-विमर्श के केंद्र में ICA-AP के अध्यक्ष डॉ. चंद्रपाल सिंह यादव रहे, जिन्होंने कहा कि सहकारी आंदोलन तभी फल-फूल सकता है जब विकास से जुड़े सभी पक्ष मिलकर काम करें। उन्होंने संगठनों से एकजुट रहने, बदलती दाता प्राथमिकताओं के अनुरूप स्वयं को ढालने और दीर्घकालिक, समावेशी सहकारी विकास सुनिश्चित करने के लिए रणनीतियों को संरेखित करने का आह्वान किया।
डॉ. चंद्रपाल ने यह भी रेखांकित किया कि वैश्विक डोनर पैटर्न तेजी से बदल रहे हैं, ऐसे में सहकारिताओं को इन परिवर्तनों के प्रति सक्रिय और संवेदनशील होने की आवश्यकता है। उनका कहना था कि साझा दृष्टिकोण, सामूहिक योजना और मजबूत क्षेत्रीय सहयोग ही जमीनी स्तर की सहकारिताओं के हितों की रक्षा करेगा और विकास के नए अवसर खोलेगा।
भारत की ओर से NCUI की डिप्टी चीफ एग्जीक्यूटिव सवित्री सिंह ने APCDP सदस्य के रूप में भाग लिया और साझेदारी को मजबूत करने, सहयोगी मॉडलों को बेहतर बनाने तथा नई डोनर अपेक्षाओं के अनुरूप काम करने पर अपने विचार साझा किए।
सत्र में APCDP सदस्यों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली, जहां व्यावहारिक रणनीतियों, साझा सीख और सामूहिक कार्रवाई को विस्तार देने पर चर्चा हुई। इसके बाद आयोजित चार्टर साइनिंग सेरेमनी ने समूह की इस प्रतिबद्धता को और मजबूत किया कि वे क्षेत्रीय प्रभाव बढ़ाने और संयुक्त विकास पहलों के नए मार्ग तलाशने के लिए मिलकर काम करते रहेंगे।
बैठक का समापन इस सामूहिक संकल्प के साथ हुआ कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र में एक लचीला, जन-केंद्रित और सहयोग-आधारित सहकारी विकास ढांचा निर्मित किया जाएगा- जो कि डॉ. चंद्रपाल सिंह यादव के एकजुटता और रणनीतिक समन्वय के संदेश को सशक्त रूप से प्रतिध्वनित करता है।


