हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किसानों से पानी बचाने वाली फसलों और कृषि विविधीकरण अपनाने की अपील की है। हिसार स्थित चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित रबी कृषि मेले में किसानों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अब समय की मांग है कि कम पानी वाली फसलों और मोटे अनाज (श्री अन्न) की खेती को प्राथमिकता दी जाए।
‘हर घर छांव–हर घर फल’ योजना का शुभारंभ
कार्यक्रम के दौरान सीएम ने ‘हर घर छांव–हर घर फल’ योजना की शुरुआत की। इस योजना के तहत राज्य के 22 जिलों के 110 गांवों में 55,000 फलदार पौधे किसानों को मुफ्त दिए जाएंगे। उन्होंने किसानों से औषधीय पौधों की खेती, मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन, सब्जी, फूल और फल की खेती जैसे विकल्प अपनाने का आह्वान किया ताकि उनकी आय कई गुना बढ़ सके।
प्राकृतिक आपदाओं में राहत और सहायता
मुख्यमंत्री ने बताया कि अधिक वर्षा से फसलों को हुए नुकसान का आकलन ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल से किया जा रहा है। उन्होंने घोषणा की कि वर्षा व बाढ़ से प्रभावित किसानों को 15,000 रुपये प्रति एकड़ की सहायता दी जाएगी।
योजनाओं और बीमा का लाभ
सैनी ने कहा कि भावांतर भरपाई योजना के तहत अब तक 29,864 किसानों को 135 करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी गई है। मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना में 21 फसलों को शामिल किया गया है, जिससे हरियाणा मौसम-जनित जोखिमों से सुरक्षा देने वाला देश का पहला राज्य बना है।
पशुपालन और महिला उद्यमिता को प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने 50 पशुपालकों को 40,000 रुपये तक के चेक वितरित किए और 75 महिला उद्यमियों को डेयरी स्थापना स्वीकृति पत्र सौंपे। इस मौके पर दत्तोपंत ठेंगड़ी कृषि उद्यमिता केंद्र, कल्पना चावला महिला छात्रावास और देवी अहिल्या बाई होल्कर महिला छात्रावास का भी उद्घाटन किया गया।


