गुजरात स्टेट कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन (गुजकोमासोल) ने वित्त वर्ष 2024–25 में 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार दर्ज कर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। लाभ और डिविडेंड में भी अभूतपूर्व वृद्धि देखने को मिली। इस उपलब्धि का जश्न शुक्रवार को गांधीनगर में आयोजित 64वीं वार्षिक आमसभा (AGM) में मनाया गया, जिसमें मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल मुख्य अतिथि रहे।
कार्यक्रम में कृषि मंत्री राघवजी पटेल, गुजरात विधानसभा के उपाध्यक्ष जेठाभाई भरवाड़, गुजकॉमासोल अध्यक्ष दिलीपसिंह संघाणी, राज्यसभा सांसद नहरारी अमीन, गांधीनगर महापौर मीराबेन पटेल, निदेशक जयेश राडाडिया, विधायक रीता पटेल और अन्य सहकारी नेता शामिल हुए।
मुख्यमंत्री पटेल ने गुजकोमासोल की सराहना करते हुए कहा कि यह संगठन किसानों को खाद, बीज और कीटनाशकों की समय पर आपूर्ति कर “सिंगल विंडो सॉल्यूशन” बन चुका है। साथ ही “वोकल फॉर लोकल, लोकल फॉर ग्लोबल” मिशन के तहत किसानों की उपज को बाजार दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में बने सहकारिता मंत्रालय से देशभर में सहकारी आंदोलन को नई गति मिली है और गुजरात मॉडल पूरे देश के लिए आदर्श बन गया है।
कृषि मंत्री राघवजी पटेल ने कहा कि गुजकोमासोल न केवल कृषि इनपुट वितरण में बल्कि एमएसपी खरीद में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। करीब 20% डिविडेंड इसका प्रमाण है कि संगठन “सहकारिता से समृद्धि” के सिद्धांत को मजबूत कर रहा है।
अध्यक्ष दिलीपसिंह संघाणी ने बताया कि गुजकोमासोल का कारोबार 2017 में 2,239 करोड़ रुपये था, जो 2024–25 में बढ़कर 10,275 करोड़ रुपये हो गया है। लाभ अब लगभग 76 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है, जबकि आयकर भुगतान ही 14 करोड़ रुपये से अधिक है। उन्होंने बताया कि उर्वरक बिक्री लगभग 2,000 करोड़ रुपये तक पहुंची, प्रमाणित बीजों की बिक्री छह गुना बढ़कर 158 करोड़ रुपये हो गई और एमएसपी खरीद 9.22 लाख मीट्रिक टन रही, जिसकी कीमत लगभग 7,400 करोड़ रुपये है। उन्होंने घोषणा की कि “वन डिस्ट्रिक्ट, वन क्रॉप” पहल के तहत हर जिले में प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की जाएगी।
संघाणी ने बताया कि हाल के वर्षों में गुजकोमासोल ने मूल्य संवर्धन और जैविक उत्पादों पर जोर देते हुए डिवीजन का कारोबार मात्र 2.19 करोड़ से बढ़ाकर 50 करोड़ रुपये तक पहुंचा दिया है। भरूच में केले के फाइबर का प्रोजेक्ट, कच्छ और जूनागढ़ में आम व अनार प्रोसेसिंग, अमरेली में ऑयल मिल जैसे प्रोजेक्ट किसानों की आय बढ़ाने के साथ “वेस्ट टू वेल्थ” की दिशा में मिसाल बन रहे हैं। जल्द ही मेहसाणा में एकीकृत कृषि-लॉजिस्टिक्स पार्क और “GUJCO” ब्रांड भी लॉन्च किया जाएगा।
अन्य नेताओं ने भी संगठन के योगदान की सराहना की और कहा कि गुजकॉमासोल ने गुजरात की सहकारी परंपरा को मजबूत करते हुए कॉर्पोरेट स्तर के प्रबंधन मानकों को स्थापित किया है।
1960 में सहकारिता के अग्रणी नेता त्रिभुवनदास पटेल द्वारा स्थापित गुजकोमासोल आज गुजरात का अग्रणी सहकारी विपणन संगठन बन चुका है और यह साबित कर रहा है कि दृष्टि, नवाचार और सहकारिता से किसानों की समृद्धि संभव है।


