Trending News

 LPG पर बोले PM नरेंद्र मोदी- देश में पैनिक फैलाने की कोशिश कर रहे कुछ लोग, देशवासियों को किया आश्वस्त, कहा- अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठा रही है सरकार, कालाबाजारी करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई          आज प्रधानमंत्री जारी करेंगे पीएम-किसान की 22वीं किस्त, 9.32 करोड़ किसानों को मिलेंगे 18,640 करोड़ रुपये         किसानों को सहकारी बैंक से 7 दिन में फसल ऋण, e-KCC से सिर्फ 2 दिन में लोन की सुविधा, समय पर लोन चुकाने पर 3% ब्याज की छूट, राज्यसभा में अमित शाह ने दी जानकारी         भारत बनेगा बन रहा दुनिया का फूड बास्केट, 9 FTA से भारत के लिए 38 देशों के बाजार खुले, AAHAR के 40वें संस्करण को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने दी जानकारी         जल जीवन मिशन 2.0 को केंद्र सरकार ने दी मंजूरी, दिसंबर 2028 तक हर ग्रामीण घर में होगा नल से जल, 8.69 लाख करोड़ रुपये का बजट तय किया गया         मार्च में मौसम में लगातार बदलाव, गुजरात-राजस्थान में हीटवेव और लू का ऑरेंज अलर्ट, महाराष्ट्र में हीटवेव का यलो अलर्ट, 13 राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट       

Bharat सरकार की पहल: किसानों की आमदनी बढ़ाने को उद्योगों से जोड़े जा रहे हैं FPOs

किसानों को सशक्त बनाने की दिशा में कदम: सरकार ने FPOs को उद्योगों से जोड़ा, बढ़ेगी आमदनी और मिलेगा बड़ा बाज़ार

Published: 11:36am, 30 Jul 2025

किसानों की आमदनी बढ़ाने और बिचौलियों पर निर्भरता कम करने के लिए भारत सरकार ने एक बड़ी पहल की है। अब किसान संगठन यानी FPOs (फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन) को सीधे उद्योगों से जोड़ा जा रहा है। इससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर दाम मिलने लगा है और उन्हें बड़ा बाज़ार भी मिल रहा है।

राज्यसभा में मंत्री रामनाथ ठाकुर ने बताया कि सरकार ने “10,000 FPOs के गठन और प्रोन्नति” की योजना चलाई है। इसके ज़रिए किसान मिलकर अपनी फसल बेचते हैं और बड़ी कंपनियों से सीधा सौदा करते हैं।

FPOs अब ऑनलाइन प्लेटफॉर्म जैसे e-NAM, ONDC और GeM पर भी आ गए हैं। e-NAM पर किसान अपनी फसल पारदर्शी और प्रतियोगी तरीके से बेच सकते हैं। ONDC पर 9,000 से ज्यादा FPOs जुड़े हुए हैं, जबकि GeM पर 216 FPOs सक्रिय हैं।

Cluster-Based Business Organizations (CBBOs) के ज़रिए सरकार इन FPOs को बड़े खरीदारों से जोड़ रही है। इसके लिए सरकार Buyer-Seller Meets (BSMs) भी आयोजित कर रही है, जहां किसान संगठनों और उद्योगों के बीच सीधा संवाद होता है।

अब FPOs को बीज, खाद, कीटनाशक जैसी जरूरी चीजें देने वाली कंपनियों जैसे बायर, सिंजेंटा और नेशनल सीड्स कॉर्पोरेशन से पीछे की कड़ियों (backward linkages) में जोड़ा गया है। वहीं आगे की कड़ियों (forward linkages) में आईटीसी, रिलायंस, पतंजलि, बिग बास्केट और मदर डेयरी जैसे बड़े ब्रांड्स से सौदे हो रहे हैं।

अब तक 430 FPOs ने 171 उद्योगों के साथ साझेदारी की है, जिससे किसानों को उनकी फसल के लिए अच्छा दाम और समय पर खरीदारी की गारंटी मिल रही है।

सरकार अब FPOs को इनपुट लाइसेंस भी दे रही है, ताकि वे खुद बीज और खाद की बिक्री कर सकें और किसानों को सही दाम पर गुणवत्तापूर्ण सामान मिल सके। यह पहल भारत के कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर और उद्योगों से जुड़ा बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

YuvaSahakar Desk

Recent Post