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FSSAI ने स्वतंत्र दूध उत्पादकों और विक्रेताओं के लिए पंजीकरण अनिवार्य किया

FSSAI ने स्पष्ट किया कि जो दूध उत्पादक डेयरी सहकारी समितियों के पंजीकृत सदस्य हैं और अपना पूरा दूध सहकारी संस्थाओं को ही आपूर्ति करते हैं, उन्हें इस अनिवार्यता से छूट दी गई है

Published: 11:27am, 13 Mar 2026

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने एक परामर्श जारी कर डेयरी सहकारी समितियों के सदस्य नहीं होने वाले दूध उत्पादकों और विक्रेताओं को खाद्य व्यवसाय शुरू करने से पहले अनिवार्य रूप से पंजीकरण या लाइसेंस प्राप्त करने का निर्देश दिया है।

बुधवार को जारी संचार में खाद्य नियामक ने कहा कि उसके संज्ञान में आया है कि कई स्वतंत्र दूध उत्पादक और विक्रेता खाद्य सुरक्षा ढांचे के तहत वैध पंजीकरण के बिना ही कारोबार कर रहे हैं।

FSSAI ने स्पष्ट किया कि जो दूध उत्पादक डेयरी सहकारी समितियों के पंजीकृत सदस्य हैं और अपना पूरा दूध सहकारी संस्थाओं को ही आपूर्ति करते हैं, उन्हें इस अनिवार्यता से छूट दी गई है। इससे सहकारी क्षेत्र की संगठित संरचना और नियामकीय निगरानी को रेखांकित किया गया है।

प्राधिकरण ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की प्रवर्तन एजेंसियों को पंजीकरण और लाइसेंसिंग नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को दूध उत्पादकों और विक्रेताओं द्वारा उपयोग किए जाने वाले मिल्क चिलर्स का समय-समय पर निरीक्षण करने को कहा गया है, ताकि उचित भंडारण व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके और दूध खराब होने से रोका जा सके।

यह परामर्श विभिन्न क्षेत्रों में दूध में मिलावट की आशंकाओं के बीच जारी किया गया है। FSSAI ने राज्यों को विशेष पंजीकरण अभियान चलाकर स्वतंत्र दूध विक्रेताओं को नियामकीय ढांचे में लाने और सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

YuvaSahakar Desk

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