भारतीय उर्वरक उद्योग के प्रमुख संगठन फर्टिलाइजर एसोसिएशन ऑफ इंडिया (FAI) को नया नेतृत्व मिल गया है। कोरोमंडल इंटरनेशनल लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी एस. शंकरसुब्रमण्यन ने संगठन के चेयरमैन के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। उन्होंने शैलेश सी. मेहता की जगह ली है। वहीं, हिंदुस्तान उर्वरक एंड रसायन लिमिटेड (HURL) के प्रबंध निदेशक सिबा प्रसाद मोहंती, जो अब तक दो सह-अध्यक्षों में से एक थे, अब FAI के एकमात्र को-चेयरमैन होंगे।
सात दशक पुराना संगठन, उद्योग से लेकर अनुसंधान तक का प्रतिनिधित्व
लगभग 70 वर्ष पुराने FAI की स्थापना भारतीय उर्वरक उद्योग के विकास, अनुसंधान और नीति-निर्माण में सहयोग के उद्देश्य से की गई थी। संगठन देशभर के उर्वरक निर्माताओं, वितरकों, आयातकों, उपकरण निर्माताओं, अनुसंधान संस्थानों और कृषि इनपुट आपूर्तिकर्ताओं का प्रतिनिधित्व करता है।
तीन दशक का अनुभव लेकर आए शंकरसुब्रमण्यन
शंकरसुब्रमण्यन उर्वरक उद्योग में तीन दशक से अधिक का अनुभव रखते हैं। वे इससे पहले FAI के बोर्ड में को-चेयरमैन और दक्षिणी क्षेत्र के चेयरमैन के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। विशेष रूप से फॉस्फेटिक और पोटाश (P&K) क्षेत्र में उनकी गहरी समझ और विशेषज्ञता है, जिसने उन्हें उद्योग में एक प्रतिष्ठित स्थान दिलाया है।
राष्ट्रीय कृषि लक्ष्यों से उद्योग को जोड़ना प्राथमिकता
कार्यभार ग्रहण करने के बाद शंकरसुब्रमण्यन ने कहा कि “हमारा प्रयास उद्योग के लक्ष्यों को राष्ट्रीय कृषि प्राथमिकताओं से जोड़ने का रहेगा ताकि कृषि क्षेत्र में विकास, लचीलापन और दीर्घकालिक खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।” उन्होंने कहा कि एसोसिएशन नवाचार, स्थिरता और संसाधन दक्षता को बढ़ावा देने के लिए कार्य करती रहेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि “हम नीति-निर्माताओं के साथ मिलकर उर्वरक क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने की दिशा में कार्यरत हैं।”
कृषि क्षेत्र में FAI की भूमिका
FAI भारत के कृषि और उर्वरक क्षेत्र के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु का कार्य करता है। यह संगठन उद्योग, अनुसंधान संस्थानों और सरकार के बीच तालमेल स्थापित करने के साथ-साथ कृषि उत्पादकता बढ़ाने, संतुलित पोषण और पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देने में भी अहम भूमिका निभाता है।


