बिहार राज्य सहकारी बैंक (बीएससीबी) के प्रबंध निदेशक की अध्यक्षता में हाल ही में जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों (डीसीसीबी) के प्रबंध निदेशकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में किसानों की आय बढ़ाने और बाजार तक उनकी पहुँच को सुदृढ़ करने के लिए किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया गया।
बैठक में अधिकारियों ने प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) को एफपीओ से जोड़ने पर चर्चा की, ताकि ऋण प्रवाह, एकत्रीकरण और सामूहिक विपणन को सुगम बनाया जा सके। इसके अलावा, बिहार में पैक्स कंप्यूटरीकरण परियोजना की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। यह पहल भारत सरकार के राष्ट्रव्यापी अभियान का एक हिस्सा है, जिसका उद्देश्य जमीनी स्तर की सहकारी इकाइयों का आधुनिकीकरण, शासन में सुधार और ग्रामीण समुदायों तक सेवा वितरण का विस्तार करना है।
बैठक में सहकारी बैंकों में रिपोर्टिंग और निगरानी प्रणाली को बढ़ाने की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई, ताकि बेहतर पारदर्शिता, समय पर निर्णय लेने और नियामक मानदंडों के अनुपालन को सुनिश्चित किया जा सके।
बीएससीबी के प्रबंध निदेशक ने सभी डीसीसीबी से सुधारों में तेजी लाने और निर्धारित समयसीमा के भीतर लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए पैक्स और अन्य सहकारी संस्थाओं के साथ निकट समन्वय में काम करने का आग्रह किया।


