खरीफ सीजन की बुआई शुरू होते ही किसानों के समक्ष खाद की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आती है। समय पर खाद न मिलने के कारण कई बार बुआई प्रभावित होती है और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। लेकिन इस बार मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के किसानों को इस परेशानी से राहत मिलने जा रही है।
भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के निर्देश पर खाद वितरण के लिए एक सुव्यवस्थित योजना बनाई गई है। शिवपुरी जिले की 86 सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को सीधे खाद उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे उन्हें अब न तो निजी दुकानों के चक्कर लगाने पड़ेंगे और न ही लंबी लाइनों में खड़ा होना पड़ेगा।
सहकारिता मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 13 जून 2025 तक जिले में कुल 2175 मीट्रिक टन खाद का भंडारण कर लिया गया है। इसमें 1375 मीट्रिक टन डीएपी, 625 मीट्रिक टन टीएसपी और 175 मीट्रिक टन एनपीके खाद शामिल है। यह सभी खाद विपणन संघ के डबल लॉक गोदामों में सुरक्षित रखी गई है और सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से वितरित की जा रही है।
खाद वितरण व्यवस्था पर स्वयं शिवपुरी जिले के कलेक्टर श्री रवींद्र कुमार चौधरी नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि खाद वितरण में पारदर्शिता बनी रहे और किसानों को समय पर खाद उपलब्ध हो। इसके तहत डिफॉल्टर मुक्त किसानों को खाद ऋण के रूप में उपलब्ध कराई जा रही है, जबकि बकायादार किसानों को पूर्व ऋण चुकता करने के बाद ही खाद दी जा रही है।


