दिल्ली सरकार ने राजधानी की डेयरी कॉलोनियों और गौशालाओं के विकास के लिए व्यापक योजना की घोषणा की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने डेयरी संचालकों और गौशाला प्रबंधकों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक में डेयरियों में पानी, स्वच्छता, सीवेज व्यवस्था, और बायोगैस प्लांट जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया। इस दिशा में घुम्मनहेड़ा में ₹40 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त ‘मॉडल गौशाला’ स्थापित की जाएगी।
बुधवार को दिल्ली सचिवालय में आयोजित बैठक में विकास मंत्री कपिल मिश्रा, एमसीडी, पशुपालन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, और डेयरी प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में डेयरी कॉलोनियों की समस्याओं के समाधान और गौ-वंश के प्रबंधन पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि कोई भी पशु सड़कों पर न घूमे और सभी को सुरक्षित, स्वच्छ, और अनुकूल वातावरण मिले। इसके लिए गौशालाओं का विस्तार किया जाएगा और नई गौशालाएं स्थापित की जाएंगी।
डेयरी संचालकों ने पानी की कमी, स्वच्छता, सीवेज व्यवस्था, और बायोगैस प्लांट की आवश्यकता जैसी समस्याएं उठाईं। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि इन समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा, “गौ-वंश की देखभाल हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। हम सुनिश्चित करेंगे कि डेयरियों में पानी, स्वच्छता, चारा, और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हों।” विकास मंत्री कपिल मिश्रा ने बताया कि सरकार डेयरियों को बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने और गौशालाओं को आधुनिक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
‘मॉडल गौशाला’ परियोजना के तहत पशुओं के लिए साफ-सफाई, चारा, चिकित्सा, और शरण की समुचित व्यवस्था की जाएगी। सरकार डेयरी संचालकों के साथ नियमित संवाद बनाए रखेगी और योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए विकास मंत्री इसकी निगरानी करेंगे। यह पहल दिल्ली में पशुपालन और डेयरी क्षेत्र को सशक्त बनाएगी, साथ ही गौ-वंश के कल्याण को सुनिश्चित करेगी।


