दिग्गज ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा के बेहतरीन अविजित अर्द्धशतक की बदौलत भारत की महिला टीम ने इंग्लैंड को साउथम्पटन में तीन वन डे अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की सीरीज के पहले मैच में बुधवार रात चार विकेट से हरा कर 1-0 की बढ़त ले ली। 64 गेंदों में 62 रनों की शानदार नाबाद पारी के लिए दीप्ति शर्मा को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
भारत की नौजवान तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ (2/55) ने पारी के शुरू में इंग्लैंड की ओपनर एमी जोंस (1 रन, 7 गेंद) और टैमी ब्यूमोंट (5 रन, 7 गेंद) को मात्र 20 रन पर और फिर ऑफ स्पिनर स्नेह राणा (2/31 ) ने एमा लैंब (39 रन, 50 गेंद, चार चौके) और कप्तान नैट शिवर ब्रंट (41 रन, 52 गेंद, पांच चौके) की तीसरी विकेट की 71 की भागीदारी को तोड़ने के बाद इन दोनों को छह रन के भीतर आउट कर इंग्लैंड का स्कोर चार विकेट पर 97 कर दिया।
सोफिया डंकले (83 रन, 92 गेंद, 9 चौके) और एलिस डेविडसन रिचडर्स (53 रन, 73 गेंद, दो चौके) ने पांचवें विकेट के लिए 106 रन जोड़ मेजबान टीम के स्कोर को 203 रन पर पहुंचाया। तभी एलिस को बाएं हाथ की स्पिनर श्रीचारिणी ने विकेटकीपर ऋचा घोष के हाथों कैच कर इस भागीदारी को तोड़ा और इसके बाद सोफिया डंकले अमनजोत की पारी की अंतिम गेंद पर बोल्ड हो गई। इंग्लैंड ने निर्धारित 50 ओवर में छह विकेट पर 258 रन बनाए।
259 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए दीप्ति शर्मा (अविजित 62 रन, 64 गेंद, एक छक्का, तीन चौके) की जेमिमा रॉड्रिग्ज (48 रन, 54 गेंद, पांच चौके) के साथ पांचवें विकेट की 90 तथा अमनजोत कौर (अविजित 20 रन, 14 गेंद, तीन चौके) के साथ सातवें विकेट की 33 रन की अविजित भागीदारी की बदौलत भारत की महिला टीम ने 48.2 ओवर में छह विकेट पर 262 रन बनाकर मैच जीत लिया।
भारत के लिए प्रतीका रावल (36 रन, 51 गेंद, तीन चौके) और स्मृति मंधाना (28 रन, 24 गेंद, 5 चौके) की सलामी जोड़ी ने तेज आगाज कर आठ ओवर में 48 रन जोड़े लेकिन स्मृति के लॉरेन बेल की गेंद पर विकेटकीपर जोंस को कैच थमाने से यह भागीदारी टूट गई। प्रतीका रावल भी एकलेस्टोन की गेंद को उड़ाने की कोशिश में बोल्ड हो गई लेकिन इससे पहले उन्होंने हरलीन दयोल के साथ 46 रन जोड़ भारत के स्कोर को दो विकेट पर 94 रन पर पहुंचाया। इसके बाद 30 रन जोड़ कर भारत ने हरलीन कौर (27 रन, 44 गेंद, चार चौके) के रनआउट होने और कप्तान हरमनप्रीत कौर (17 रन, 27 गेंद) के रूप में दो विकेट और खोए। हरमनप्रीत को डीन ने एलबीडब्ल्यू आउट किया और भारत का स्कोर 27.1 ओवर में चार विकेट पर 124 रन हो गया।
भारत की अनुभवी मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज जेमिमा और दीप्ति ने समझबूझ से खेल भारत के स्कोर 214 पर पहुंचाया तभी जेमिमा ने फाइलर की गेंद को उड़ाने की कोशिश की और विकेटकीपर जोंस को कैच थमा दिया और भारत की ये भागीदारी टूट गई। दीप्ति शर्मा ने एक छोर संभाले रखा। ऋचा घोष (10 रन, 12 गेंद, एक चौका) चार्ली डीन की गेंद को फ्लाइटेड गेंद को उड़ाने से हवा में मात खा गई और विकेटकीपर जोंस ने उन्हें स्टंप कर दिया और भारत ने छठा विकेट 45वें ओवर की तीसरी गेंद पर 229 रन पर खोया। इसके बाद दीप्ति और अमनजोत कौर ने संभल कर खेलते हुए भारत को दस गेंदों और चार विकेट के बाकी रहते जीत दिला दी।
दीप्ति की पारी जीत में निर्णायक रही- हरमनप्रीत
मैच जीतने के बाद भारत की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कहा कि हमारी टीम की गेंदबाजों ने जिस तरह गेंदबाजी की उससे मैं खुश हूं। साथ ही अपनी टीम की खासतौर पर दीप्ति की बल्लेबाजी से वाकई खुश हूं। दीप्ति की पारी हमारी टीम की जीत में निर्णायक रही। मेरा मानना है कि 20-30 रन इंग्लैंड को ज्यादा दे दिए। पिच बल्लेबाजी के लिए बढ़िया थी। हम अपना क्षेत्ररक्षण और चुस्त करने पर और मेहनत कर रहे हैं और हमने बुधवार को भी दो कैच टपकाए। हम अपना क्षेत्ररक्षण और बेहतर करने की कोशिश करेंगे। जहा तक जेमिमा और दीप्ति की भागीदारी की बात है तो जेमी मैदान पर शांत रहती हं और दीप्ति ने भी जिस तरह बल्लेबाजी की भारत को जिताया, उसका श्रेय उन्हें दिया जाना चाहिए।
मेरी और जेमिमा की आपस में यही बात हुई कि हमें पांच-छह रन प्रति ओवर बनाने की जरूरत है। जहां तक मेरे स्वीप लगाने की बात है तो मैंने अपने स्वीप शॉट पर काफी मेहनत की है। इस तरह की पिचों पर एक हाथ से छक्का के लिए शॉट लगाने में मदद मिलती है। मैंने एक हाथ से छक्का लगाना ऋषभ पंत को इसे खेलते देखकर सीखा है। हम इंग्लैंड के खिलाफ इससे पहले भी खेल चुके हैं और हमें इस स्थितियों में खेलने में मजा आता है। -दीप्ति शर्मा, वुमैन ऑफ द मैच’


